ब्रिटेन में सांसदों ने ब्रेक्जिट को नकारा

ब्रिटेन में सांसदों ने ब्रेक्जिट को नकारा

नई दिल्ली: ब्रिटेन के सांसदों ने ‘बिना समझौते' के अव्यवस्थित ब्रेक्जिट (Brexit) को खारिज कर दिया। लेकिन यूरोपीय संघ (European Union) से बाहर निकलने संबंधी समझौते पर फिर से बात करने को लेकर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे (Theresa May) की कोशिश का समर्थन किया। पुन: वार्ता की मे की कोशिश को भले ही सांसदों का समर्थन मिल गया है।

लेकिन 28 सदस्यीय ईयू पहले ही किसी बदलाव की संभावना से इनकार कर चुका है। कंजर्वेटिव पार्टी की सांसद कैरोलिन स्पेलमैन और लेबर पार्टी के सांसद जैक ड्रोमे ने ईयू से ब्रिटेन के बिना समझौते के निकलने को रोकने के लिए एक संशोधन पेश किया जिसे 310 के मुकाबले 318 मतों से समर्थन मिला।

इससे सरकार का यह तर्क कमजोर हो गया कि ब्रिटेन बिना समझौते के भी ईयू से बाहर निकलने का इच्छुक है। हालांकि इस मतदान के परिणाम को मानना मे के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी इससे हाउस ऑफ कामन्स के मत का तो पता चलता है लेकिन 29 मार्च को ईयू से ब्रिटेन के निकलने की तिथि में बदलाव से इसका कोई लेना देना नहीं है।

इसके कुछ ही देर बाद सांसदों ने सरकार समर्थित एक संशोधन के समर्थन में मतदान किया जिसमें विवादास्पद ‘आयरिश बैकस्टाप' के ‘‘वैकल्पिक समझौतों' की बात की गई है। ‘आयरिश बैकस्टाप' में ब्रिटेन और आयरलैंड के बीच कड़े नियंत्रण वाली और सुरक्षा बलों की तैनाती वाली (हार्ड बॉर्डर) सीमा से बचने की बात की गई है।

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के ईयू से बाहर निकलने में केवल 59 दिन शेष हैं। सांसद ग्राहम ब्रेडी ने इस संशोधन को पेश किया जिसे 301 के मुकाबले 317 मतों से समर्थन मिला। मे ने मतदान के बाद कहा कि हम अब इस जनादेश को आगे लेकर जाएंगे और समझौते में कानूनी रूप से बाध्यकारी ऐसे बदलाव लाने की कोशिश करेंगे ।

जो बैकस्टाप संबंधी चिंताओं को दूर करें और उत्तरी आयरलैंड एवं आयरलैंड के बीच फिर से ‘हार्ड बॉर्डर' स्थापित नहीं करने की गारंटी दें। इसके बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटेन और ईयू के 27 सदस्यों के बीच हुए ब्रेक्जिट समझौते पर पुन: वार्ता नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि ईयू से ब्रिटेन के व्यवस्थित तरीके से निकलने का सर्वश्रेष्ठ और एक मात्र तरीका यही ब्रेक्जिट समझौता है। ब्रितानी संसद में मतदान के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने समझौते में बदलाव की मांग की जिसके बाद टस्क ने ईयू के नेताओं से बात की।

प्रवक्ता ने कहा कि हम ब्रिटेन की सरकार से अपील करते है कि वह आगामी कदम के बारे में अपनी मंशा जल्द से जल्द स्पष्ट करे। इस बीच, आयरलैंड की सरकार ने एक बयान में कहा कि ईयू से ब्रिटेन के बाहर निकलने संबंधी समझौते पर पुन: वार्ता नहीं होगी। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ (ईयू) के ब्रेक्जिट वार्ताकार ने कहा है कि ईयू से ब्रिटेन के बाहर निकलने के करार को लेकर पूरा यूरोपीय संघ एकजुट है। मिचेल बार्नियर ने बुधवार को कहा कि ईयू की संस्थाएं एकजुट हैं और हम ब्रिटेन के साथ किए गए समझौते के साथ हैं।

ब्रिटेन दो महीने के भीतर ईयू छोड़ने वाला है, लेकिन ब्रेक्जिट समझौते को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईयू से ब्रिटेन के बाहर जाने के बाद आयरलैंड की सीमा पर सीमा-शुल्क जांच में लंबा समय नहीं लगे।