जनाधिकार के लिये  हिन्दू महासभा निभायेगी अपनी जिम्मेदारी

जनाधिकार के लिये हिन्दू महासभा निभायेगी अपनी जिम्मेदारी

लखनऊ। वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्र की स्थिति को तमाम राजनीतिक दलों द्वारा अत्यन्त कमजोर किया जा रहा है। तमाम दलों के लोग सत्ता के लिये भूखे है परन्तु जनाधिकार और भारतीय मूल्यों के प्रति बिल्कुल उदासीन है। अखिल भारत हिन्दू महासभा को रोजाना इन गंभीर समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है जिसको संतृप्त करने की नैतिक जिम्मेदारी का हम अहसास कर रहे है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष कान्त वर्मा ने आज यहां प्रेस क्लब में महानगर और जिलाध्यक्ष के अधिवेशन को सम्बोधित करते हुये बताया कि लखनऊ महानगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी श्री अनुपम मिश्रा को दी गयी है। जिन्होंने अपनी टीम में कार्यकारी अध्यक्ष श्री संतोष चतुर्वेदी, महामंत्री श्री राम तिवारी, उपाध्यक्ष श्री अरविन्द शुक्ला एवं श्री संजीव खरे एवं संगठन मंत्री श्री रत्नेश सिंह को जिम्मेदारी दी है। हमें विश्वास है कि टीम पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभायेगी।लखनऊ जिलाध्यक्ष के रूप में श्री ऋषि त्रिवेदी जी का मनोनयन हुआ है। हमें विश्वास है कि लखनऊ जनपद को वे तेज तर्रार नेतृत्व देंगे तथा शीघ्र ही अपनी टीम का गठन कर लेंगे। लखनऊ में भी योगी जी के नाक के नीचे ही तमाम गलत कार्य हो रहे है जैसे शहर में मस्जिद का अवैध निर्माण, किन्नरों की समस्या, गोमतीनग की समस्या प्रशासन एवं नगर निगम सबकुछ जानते हुये भी हाथ बांधे खड़े हुये है ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम वीर सावरकर एवं नाथू राम गोडसे के स्वपनों का भारत बनायें। राम मन्दिर की न्यायिक लड़ाई हम लड़ रहे है परन्तु सत्ता में बैठी बीजेपी राम मन्दिर के लिये पहल नहीं कर रही है केवल भुनाने का कार्य कर रही है, परन्तु राम मन्दिर का निर्माण हिन्दू महासभा ही करायेगी। लोकसभा 2019 के चुनाव में हम सक्रिय भागेदारी निभाते हुये जनहित की लड़ाई लड़ते हुये लोकसभा में पहुंचेगें तथा जनहित को ध्यान में रखते हुये स्वस्थ राजनीति करेंगे। हम इस दिशा में रणनीति बना रहे है जिसका खुलासा शीघ्र किया जायेगा।

हिन्दू महासभा के आज हुये इस कार्यक्रम में उत्तर भारत की प्रभारी रीता रॉय, राम नरेश श्रीवास्तव, कार्यालय प्रभारी, मोहित, राधा कृष्ण शुक्ला, विक्रम गुप्ता, मनोज कुमार उपाध्याय मंत्री, संजय गिरि उपाध्यक्ष लखनऊ महानगर, प्रमोद यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India