जो पीएम उम्मीदवार आरएसएस का न हो वो कांग्रेस को स्वीकार!

जो पीएम उम्मीदवार आरएसएस का न हो वो कांग्रेस को स्वीकार!

नई दिल्ली: कांग्रेस को किसी भी दल के पीएम से गुरेज़ नहीं बशर्ते वह आरएसएस का न हो. कांग्रेस सूत्रों ने साफ कहा है कि फिलहाल ध्येय बीजेपी सरकार को हटाना है और सभी विपक्षी दल इस पर साथ हैं. जब जीत जाएंगे तभी पीएम चुनने की बात आएगी.

क्या मायावती या ममता पीएम के तौर पर कांग्रेस को मान्य होंगी? इस पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि जो पीएम आरएसएस का न हो वो स्वीकार है और ये दोनों निश्चित रूप से आरएसएस के नहीं हैं. कांग्रेस 2019 में जीत के लिए भी आश्वस्त है. उसका साफ मानना है कि उत्तर प्रदेश-बिहार के रास्ते ही सरकार बनती है और वहां गठबंधन की तस्वीर साफ है. अगर 270 से कम सीटें आती हैं तो बीजेपी के अंदर ही नरेंद्र मोदी पीएम के तौर पर स्वीकार्य नहीं होंगे. बीजेपी के अपने सहयोगी जैसे शिवसेना और टीडीपी छिटक गए हैं. फिर ये बीजेपी से सीधी लड़ाई है. आरएसएस के लिए ज़रा भी जगह नहीं छोड़ी जाएगी.

राहुल गांधी के संसद में पीएम मोदी को गले लगाने के मसले पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि 3-4 महीने पहले एक भाषण में नरेंद्र मोदी ने उनके परिवार के हर सदस्य को निशाना बनाया. उसी का जवाब राहुल ने पीएम को गले लगाकर दिया. पूरी दुनिया के लोगों को जब पीएम मोदी गले लगाते हैं तो राहुल के मोदी को गले लगाने पर इतना शोर क्यों. आगे भी राहुल पीएम मोदी को गले लगाते रहेंगे.

मौजूदा सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि किसी भी सरकार में सरकार की एक विदेश नीति और नेता की निजी विदेश नीति नहीं होती. इसी का नतीजा है जो नेपाल, श्रीलंका और मालदीव से बिगड़े रिश्तों में हम देख रहे हैं. पीएम मोदी चीन दौरे पर जाते हैं लेकिन डोकलाम के बारे में बात नहीं करते. भूटान को अकेला छोड़ दिया इस मसले पर. अब चीन, अमेरिका सबने उन्हें आंक लिया है.