मुख्यमंत्री ने सभी संत महात्माओं का पुष्प एवं अंगवस्त्र से सम्मान किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने इलाहाबाद भ्रमण के दौरान अखाड़ा परिषद के साथ अधिकारियों की बैठक में कुम्भ, 2019 के शाही स्नान की तिथियों की घोषणा की। यह तिथियां 15 जनवरी मकर संक्रान्ति, 04 फरवरी मौनी अमावस्या तथा 10 फरवरी बसंत पंचमी होंगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शाही स्नान की यह तिथियां अखाड़ा परिषद के अनुमोदन के बाद घोषित की जा रही हैं।

घोषणा के अनुसार प्रथम शाही स्नान 15 जनवरी, दूसरा शाही स्नान 04 फरवरी तथा तीसरा शाही स्नान 10 फरवरी को होगा। इसके अलावा अन्य प्रमुख स्नान पर्वों, यथा पौष पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा तथा महाशिवरात्रि आदि का भी आयोजन होगा। कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं तथा कल्पवासियों के लिए कुम्भ, 2019 एक अभूतपूर्व आयोजन होने जा रहा है। यह भारत का एक भव्य एवं दिव्य आयोजन होगा, जो यहां की सांस्कृतिक गतिविधियों में एक अलौकिक घटना के रूप में प्रसिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने शाही स्नान की तिथियों की घोषणा के पूर्व साधु-संतो और अधिकारियों को यह आश्वस्त किया कि कुम्भ-2019 प्रयाग की धरती पर दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन साबित होगा। उन्होंने कहा कि कुम्भ के दौरान गंगा-यमुना में जो जल आयेगा, वह अत्यंत शुद्ध होगा। श्रद्धालुओं को पूरे कुम्भ की अवधि पर्यन्त शुद्ध गंगा जल निरन्तर उपलब्ध रहेगा। 15 दिसम्बर, 2018 से 15 मार्च, 2019 तक गंगा, यमुना तथा उनकी सहायक नदियों में कोई कचरा नहीं प्रवाहित होगा तथा श्रद्धालुओं को पूर्णतया शुद्ध जल स्नान के लिए उपलब्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद के महात्माओं तथा सभी अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि यह एक भव्य एवं दिव्य आयोजन है, जिसमें देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के आतिथ्य के लिए न केवल प्रयाग के नागरिक बल्कि अखाड़ों के संत, महात्मा और प्रशासन के लोग भी पूरे मनोयोग से तैयार रहें। इस आयोजन के माध्यम से हमें पूरे भारत की छवि को दुनिया के सामने निखारने का एक सुअवसर और सौभाग्य प्राप्त होगा। इस आयोजन के द्वारा हमें पूरे भारत को एक स्वच्छ तथा सुसंस्कृत देश के रूप में पूरी दुनिया को दिखाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार 15 दिसम्बर से 15 मार्च के बीच कुम्भ के दौरान देश के 6 लाख गांवों के लोग इस आयोजन में पधारेंगे तथा इस उत्सव को देखने के लिए दुनिया के 192 देशों के लोग भी इसमें भाग लेंगे। इस दृष्टिकोण से इस आयोजन को सजाने की तैयारी अभी से पूरी कर ली जाय। उन्होंने कहा कि न केवल मेला क्षेत्र में बल्कि पूरे प्रयागराज में कहीं गंदगी न रहे। हर चौराहा विशिष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार रहे तथा अभी से संगम तट के स्वच्छ रखने की व्यवस्था की जाय। प्रयागराज में जितने भी धर्म स्थल हैं, उनके विकास की योजना इस तरह बनायी जाये कि उनको देखकर हर पर्यटक और तीर्थयात्री को कुम्भ की दिव्यता का आभास हो।

मुख्यमंत्री जी ने मेला क्षेत्र में 15 लाख शौचालय बनाने की घोषणा की तथा कहा कि इस बड़े आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा के लिए यहां के नागरिकों के साथ यहां के प्रशासनिक अमले और साधु-संतों को भी जागरूक रहना होगा। उन्होंने सभी का आवाहन करते हुए कहा कि इस पवित्र आयोजन में सभी लोग सुरक्षा व्यवस्था में भी बराबर भागीदारी करें।

सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अन्जान व्यक्ति को प्रवेश परिचय के बाद ही दें तथा सर्तक होकर संदिग्ध व्यक्तियों पर निरंतर दृष्टि रखें। प्रशासन सुरक्षा की हर व्यवस्था कर रहा है। पूरे मेला क्षेत्र और प्रयागराज में सीसीटीवी तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जायेगी। सुरक्षा के व्यापक इन्तजाम होंगे। फिर भी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना, हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि कुम्भ में पधारने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए पार्किंग मेला क्षेत्र के 05 किमी के दायरे में ही स्थापित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार कुम्भ मेले के साथ-साथ प्रयाग नगर को भी संवारने और विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन को सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयाग को पूरे देश के हर कोने से रेल और सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है। इसलिए कुम्भ अवधि के दौरान प्रयाग आने वाले मार्गो पर टोल टैक्स न लिया जाये। उन्होंने अवगत कराया कि प्रयाग तक विशेष ट्रेनें चलायी जाने के साथ-साथ इलाहाबाद को देश के प्रमुख नगरों से वायुसेवा से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि कुम्भ आयोजन को सुन्दर बनाने से प्रयाग की महिमा का गान होगा यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा सभी संत महात्माओं का पुष्प एवं अंगवस्त्र से सम्मान किया गया। अखाड़ा परिषद के विभिन्न सदस्यों ने प्रशासन के अभूतपूर्व मनोयोग तथा कार्यशैली की भूरि-भूरि सराहना की तथा मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा जिस तरह संगम तट पर सभी को रोशनी, सुरक्षा तथा घाटों का इन्तजाम किया गया है, वह अभूतपूर्व है।

अखाड़ा परिषद के महामंत्री ने मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी की कार्यशैली और परिश्रम की प्रशंसा करते हुए उनके सहयोग और उत्तम व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद ज्ञापित किया। अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री हरिगिरि जी महाराज ने कहा कि संगम तट पर चेकर्ड प्लेटों, एलईडी लाईटों की रोशनी ने इस पूरे क्षेत्र को भयमुक्त और अंधकारमुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में प्रयाग के विभिन्न तीर्थों को प्रकाशित करने का समय आ गया है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महाराज ने कहा कि इतिहास में पहली बार कुम्भ के शाही स्नान की तिथियों की घोषणा किसी मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में इस बार मेले का आयोजन ऐतिहासिक होगा। उन्होने यह भी कहा कि मेले में कार्यरत अधिकारियों को मेला अवधि तक किसी विशेष कारण के अलावा स्थानान्तरित न किया जाय। क्योंकि किसी नये अधिकारी के आने पर उसे कार्य को समझने में अधिक समय लग जाता है।

कार्यक्रम के पूर्व मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने कुम्भ मेले में की गयी व्यवस्थाओं की जानकारी एक प्रेजेन्टेशन के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, 2019 के कुम्भ में कई और अभूतपूर्व एवं नवीन कार्य कराये जा रहे हैं। इलाहाबाद में स्थित 08 अखाड़ा परिसरों में कमरे एवं मूलभूत सुविधाएं, शौचालय, स्नानागार आदि के निर्माण का कार्य चल रहा है। बारह माधव मन्दिर, पंचकोसी परिक्रमा के पहुंच मार्गों के नवीनीकरण एवं शेष भाग के चैड़ीकरण का कार्य व विद्युतीकरण किया जा रहा है।

पेशवाई मार्ग पर स्थित पुरानी एल0टी0 लाइन के खुले तार को एरियर बन्च कन्डेक्टर से बदलने का कार्य किया जा रहा है। मौजगिरि जूना अखाड़े के पास यमुना तट पर, गंगा नदी के बायें छतनाग, नागेश्वर मन्दिर के सामने नये पक्के घाटों का निर्माण किया जा रहा है। फाफामऊ से अरैल तक नदी के किनारे 15 कि0मी0 की लम्बाई में अस्थायी घाटों का निर्माण प्रस्तावित है।

इस बार कुम्भ में किए जा रहे नये महत्वपूर्ण कार्यों में मेला क्षेत्र में विशाल गंगा पण्डाल तथा सत्संग पण्डालों की स्थापना भी की जा रही है। गंगा पण्डाल में एक साथ 10,000 श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गयी है। कुम्भ मेला अवधि में प्रतिदिन आध्यात्मिक, धार्मिक, सांस्कृतिक अन्य कार्यक्रम संचालित किये जाएंगे।

पण्डाल में भव्य मंच, गेट, विद्युत व्यवस्था एल0ई0डी स्क्रीन, ध्वनियंत्र आदि की व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र में 03 सत्संग पण्डाल का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कम से कम 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी (उत्तरी झूंसी, दक्षिणी झूंसी एवं अरैल)। मेले में विविध सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, कला, संगीत वृत्त चित्र, प्रदर्शनी आदि का आयोजन किया जाएगा। सभी सेक्टरों में मेला की विषय-वस्तु पर आधारित द्वार का निर्माण कराया जायेगा।

मेला क्षेत्र में कुम्भ की थीम पर आधारित लेजर शो का आयोजन किया जायेगा। पर्यटकों को इलाहाबाद (प्रयाग) का पौराणिक, ऐतिहासिक महत्व बताने के लिये ‘टूरिस्ट वॉक’ का आयोजन किया जा रहा है। इलाहाबाद के प्रमुख स्मारकों पर फसाड लाइटिंग की तैयारी चल रही है। विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों द्वारा संगीत उत्सव, फोटोग्राफी, कला प्रदर्शनी आदि का आयोजन प्रस्तावित है।

इस कुम्भ में विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों का भ्रमण भी प्रस्तावित है। कुम्भ 2019 में सभी 20 सेक्टरों में 20 हजार श्रद्धालुओं के विश्राम हेतु प्रथम बार यात्री निवास उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अन्तर्गत श्रद्धालुओं को पेयजल, विद्युत, प्रकाश, शौचालय जैसी मौलिक सुविधायें भी उपलब्ध करायी जायेंगी।