sultanpur: मुख्यमंत्री से ट्वीट के बाद मचा बवाल, सीओ को मिली जांच

सुलतानपुर। मुकदमे के बावजूद गलत तथ्य दर्शाकर शस्त्र लाइसेन्स हासिल करने के मामले में मुख्यमंत्री व डीजीपी से हुए ट्वीट के बाद एसपी द्वाारा सीओ स्तर की जांच टीम गठित करने का मामला प्रकाश में आया है। अब सीओ फैजाबाद और सुलतानपुर के सम्बन्घित थानों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। करीब बीस साल पहले आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने इनकी दोनाली बन्दूक जमा कराकर लाइसेन्स निरस्त किया था ।

हाईप्रोफाइल मामला नगर कोतवाली से जुड़ा है । एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री, डीजीपी और एसपी अमित वर्मा को ट्वीट किया था कि विनोवापुरी के रहने वाले अनुराग उर्फ राजेश पुत्र श्याम बहादुर पर फैजाबाद जिले के बीकापुर और सुलतानपुर जिले के कूरेभार थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं । अनुंराग का पता कूरेभार में पिपरी सांईनाथपुर और बीकापुर में इनका पता परसुही (बड़का दूबेपुर) है । तथ्यों को छिपाकर और दूसरे पते पर शस्त्र लाइसेन्स हासिल कर लिए हैं। जिस पर पुलिस सक्रिय हो गयी और एसपी अमित वर्मा ने सीओ नगर श्यामदेव विष्ट व सीओ बल्दीराय को जांच करने का आदेश दिये थे। बताया जा रहा है कि इनके पास दो नाली बन्दूक थी, तत्कालीन डीएम अनुराग श्रीवास्तव ने 25नवम्बर 1998 को इनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए इनका शस्त्र लाइसेन्स निरस्त करते हुए कूरेभार थाने में मुअसं. 694/98 धारा 419, 420, 467, 468 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा डीएम ने बन्दूक को कूरेभार थाने में जमा कराने का आदेश दिया था। डीएम ने यह कार्यवाही महेश तिवारी की शिकायत पर किया था। पता चला है कि पुलिसटीम को कई और साक्ष्य मिले हैं। जिनकी तहकीकात चल रही है। इनके बारे में बताया जाता है कि ये छद्म नाम का सहारा लेकर तरह तरह कारनामे करते रहे हैं। मुख्यमंत्री को ट्वीट के बाद फैजाबाद और सुलतानपुर की पुलिस टीम सक्रिय हो गयी है। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिकार्ड खंगाले जाने के बाद सबूतों के आधार पर कानूनी कार्यवाही होगी। लोकतांत्रिक पत्रकार संघर्ष मंच ने की कार्यवाही की मांग

सोमवार को नवगठित लोकतांत्रिक पत्रकार संघर्ष मंच की बैठक हुई जिसमें पत्रकार बृजेश श्रीवास्तव के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की गयी । बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न होता है तो संगठन उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। इस मौके पर पत्रकार आसिफ बेग, विष्णु दूबे, जेपी तिवारी, मनीष दूबे, नन्हेलाल उपाध्याय, आशुतोश झा, योगेन्द्र कुमार, अमन वर्मा, श्रवण, अनमोल बरनवाल, सूरज निषाद, पप्पू निषाद, अंकित राय समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे। मौजूद पत्रकारों ने कहा कि सभी पत्रकार भाई है। आपसी भेदभाव मिटाकर एकता का परिचय देना चाहिए और निष्पक्ष लेखनी के जरिए लोकतन्त्र के चैथे स्तम्भ की गरिमा को गिरने से बचाने का प्रयास करना चाहिए।

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