विश्व पुस्तक मेले में अपनी तरह की अनूठी पुस्तक ‘इलेक्शन एटलस आॅफ इण्डिया’ की लॉन्चिंग

विश्व पुस्तक मेले में अपनी तरह की अनूठी पुस्तक ‘इलेक्शन एटलस आॅफ इण्डिया’ की लॉन्चिंग

सामाजिक आर्थिक एवं चुनावी सांख्यिकी आंकड़ों का प्रसार करने वाले भारत के प्रमुख आईटी इनेबल्ड संगठन डेटानेट इण्डिया ने आज नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में अपनी पुस्तक इलेक्शन एटलस आॅफ इण्डिया का लाॅन्च किया। भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डाॅ नसीम ज़ैदी द्वारा प्रस्तावित यह पुस्तक डेटानेट इण्डिया के निदेशक डाॅ. आर के ठुकराल द्वारा सम्पादित और प्रकाशित है।

अपनी प्रस्तावना में भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डाॅ नसीम ज़ैदी ने कहा, ‘‘एटलस में चुनाव से जुड़े विभिन्न तथ्यों, मतदाताओं, उम्मीदवारों और वंचित समुदायों के विभिन्न स्तरों पर एकत्रित सांख्यिकी आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इन मानकों और पहलुओं को जीआईएस टेकनोलाॅजी का इस्तेमाल करते हुए प्रभावी ग्राफ, चार्ट, विषयगत मानचित्रों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। एटलस में संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में उप-चुनावों के बारे में ऐतिहासिक आंकड़ों तथा राज्यों के गठन एवं विभाजन के बाद हुए बदलावों पर रोशनी डाली गई है। एटलस में मैनें पाया गया कि इसमें चुनाव एवं चुनावी जानकारी से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं, जिन्हें डेटा एवं जानकारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये विषयगत कहानियां पाठकों को भारतीय चुनाव प्रणाली के विकास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएंगी| ’’

पुस्तक के संपादक डाॅ आर के ठुकराल ने पाया कि भारत के मतदाताओं की संख्या अमेरिका और पश्चिमी यूरोप की कुल आबादी से अधिक है। एटलस चुनावी फीचर्स पर आधारित प्रासंगिक पुस्तक है जिसमें पहले आम चुनाव से लेकर आज तक सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावी परिणामों का विवरण है। प्रमाणित स्रोतों से प्राप्त जानकारी एवं आंकड़ों के आधार पर विषयगत मानचित्रों के माध्यम से 1952 से लेकर 2014 तक की सम्पूर्ण जानकारी व्यवस्थित और कालानुक्रम में दी गई है, जो भारत की चुनावी प्रणाली की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है। पुस्तक में हर गांव और हर कस्बे को 2011 जनगणना अनुसार संसदीय चुनाव क्षेत्र के लिए मानचित्रित करते हुए 2008 की परिसीमन रिपोर्ट के आधार पर 2014 लोकसभा चुनावों के लिए सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी विशेषताएं भी दी गई हैं।