हल्ला बोलः सशक्त महिला के संघर्ष की कहानी

हल्ला बोलः सशक्त महिला के संघर्ष की कहानी

दहेज एक आम और जानलेवा सामाजिक बुराई है। भले ही हमारे समाज में पिछले अनेक वर्षों से लोगों के नजरिये में आ रहे बदलाव को लेकर बातचीत होती रहती है, लेकिन दुर्भाग्यवश, इसकी जड़ें पहले जैसी ही मजबूत हैं। हल्ला बोल के आगामी एपिसोड में इस मुद्दे के खिलाफ लड़ने वाली एक और महिला के बहादुर जोश का प्रदर्शन किया जायेगा। हल्ला बोल,  के इस एपिसोड का प्रसारण रविवार, 8 मार्च को शाम 6 बजे बिन्दास पर होगा।  

राधिका और मीता भारतीय सेना में काम करती थीं और उन दोनों की जिंदगी में नई शुरूआत होने वाली थी। एक ओर राधिका का प्रमोशन करके उसे मेजर बनाया गया। वहीं दूसरी ओर, मीता शादी के बंधन में बंधने के लिए तैयार थी और उसकी जिंदगी में एक नया अध्याय जुड़ने वाला था। हालांकि, मीता के लिए सब कुछ अच्छा नहीं था। दुर्भाग्यवश, उसके सास-ससुर द्वारा भारी-भरकम दहेज की मांग किये जाने के कारण वह खुशहाल शादीशुदा जिंदगी में बिताने में सक्षम नहीं थी। उसे उसके पति से भी कोई सहयोग नहीं मिला। ऐसे में मीता की बेहतरी के लिए राधिका आगे आई। हालांकि, मीता समाज में अपने माता-पिता की प्रतिष्ठा के कारण इस मामले को लेकर चुप थी।

हल्ला बोल के अगले एपिसोड में टेलीविजन अभिनेता करण टाकर दर्शकों को राधिका द्वारा अपनी दोस्त मीता की खुशी के लिए किये गये संघर्ष की कहानी सुनाते नजर आयेंगे।