यूपी में और मज़बूत हुई सोनालीका आईटीएल की पोजीशन

यूपी में और मज़बूत हुई सोनालीका आईटीएल की पोजीशन

अप्रैल-जुलाई 2017 के दौरान >50 एचपी श्रेणी में 1093 यूनिटों की शानदार बिक्री

लखनऊ: सोनालीका इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में अप्रैल-जुलाई, 2017 के दौरान >50 एचपी श्रेणी में 1093 यूनिटों की बिक्री कर क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत बना लिया है। कंपनी ने, अप्रैल-जुलाई, 2017 में 5048 ट्रैक्टर बेचे हैं और 37. 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करायी है जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 3678 ट्रैक्टर बेचे थे। कंपनी ने कस्टमर सैंट्रिसिटी को ध्यान में रखकर 8 कौशल केंद्र खोले हैं और इस क्षेत्र में कंपनी के पास जिला स्तर के 50 से अधिक स्टाॅकिस्ट हैं।

संवाददाता सम्मेलन में विवेक गोयल, डिप्टी कंट्री हैड, सोनालीका आईटीएल ने कहा, ’’हम इस क्षेत्र में अपने विकास के लिए कृषि ऋणों में माफी और औसत से बेहतर माॅनसून को श्रेय देते हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 2.15 करोड़ किसानों की मौजूदगी के चलते यह सोनालीका आईटीएल के लिए महत्वपूर्ण बाजारों में से है। हम अगले कुछ महीनों में आगामी फसलों के मौसम के मद्देनज़र क्षेत्र में विकास के और भी शानदार अवसरों को देख पा रहे हैं। कंपनी पहले ही यहां >50 एचपी श्रेणी में, जिसमें देशभर में प्रगति पसंद किसान शामिल हैं, दिग्गज बनकर उभरी है।

हम आज के युवाओं और किसानों के कौशलों में निखार लाने की जरूरत को समझते हैं। इसी को ध्यान में रखकर, कंपनी ने उत्तर प्रदेश में युवाओं तथा किसानों को अधिक सशक्त बनाने के इरादे से राज्य में 8 कौशल केंद्र खोले हंै। इन केंद्रों में किसानों के लिए खेती-बाड़ी में उन्नत प्रौद्योगिकी, खेती के मशीनीकरण आदि से संबंधित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों को उपलब्ध कराया जाता है।‘‘

सोनालीका के पास पूरे देश में 900़ डीलरों का व्यापक नेटवर्क है, इसके अलावा कंपनी के पास भारत में 300़ स्टाॅकिस्टों के नेटवर्क के साथ सबसे बड़ा स्टाॅकिस्ट नेटवर्क भी है। क्षेत्र में कंपनी के पास 50 जिला स्तरीय स्टाॅकिस्ट हैं।

सोनालीका आईटीएल ने हाल ही में होशियारपुर (पंजाब) में दुनिया के नंबर 1 एकीकृत ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया है। करीब 85 एकड़ में फैला यह संयंत्र टैक्नोलाॅजी के लिहाज आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और हर दो मिनट में एक उन्नत ट्रैक्टर का निर्माण करते हुए 20 एचपी से 120 एचपी के 3 लाख ट्रैक्टरों के निर्माण की क्षमता रखता है।