ढह गया डेरा का साम्राज्य, न्यू इंडिया में ढोंगी बाबाओं की कोई जगह नहीं

ढह गया डेरा का साम्राज्य, न्यू इंडिया में ढोंगी बाबाओं की कोई जगह नहीं

मृत्युंजय दीक्षित

17 वर्षों की लम्बी लड़ाई के बाद आखिकार एक साध्वी को उसका न्याय मिल गया है। विगत काफी दिनों से देश की न्यायपालिका कई ऐतिहासिक फैसले सुना रही है जिसकेे बाद देश की जनता का न्यायपालिका के प्रति एक बार फिर भरोसा कायम हुआ है। अब लग रहा है कि कार्यपालिका और न्यायपालिका एक साथ हर प्रकार से भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जंग लड़ रही है। यही कारण है कि बाबा गुरमीत राम रहीम को अपने पापों की सजा मिल चुकी है। बाबा राम रहीम जैसे बाबाओं की वजह से आज समाज , राजनीति तथा प्रशासन में नैतिकता का घोर पतन हो रहा था। बाबा राम रहीम बाबा नहीं अपितु एक प्रकार से गुंडों का बाप निकला। अब एक के बाद एक उसके सारे पाप जनता व मीडिया के सामने आ रहे हंै। बाबा से पीड़ित साध्वियों के साहस को भी प्रणाम करना होगा जिन्होंने एक ऐसे व्यक्ति के आगे अपना शीश नहीं झुकाया जो उनके साथ कुछ भी कर सकता था। बाबा राम रहीम के घटनाक्रम को गहराई से देखने से मन मस्तिष्क सिहर उठता है कि आखिर उसने किस ताकत के बल पर अपना इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया । अब जो तस्वीर सामने आ रही है उससे प्रतीत हो रहा है कि उसने अपनी समानांतर सत्ता तक खड़ी कर ली थी। बाबा ने समाज में कैसा जादू चलाया कि उसके आगे सभी दलों के नेता नतमस्तक होने लग गये थे। इन बाबाओं की वजह से हिंदू समाज का भी घोर पतन ही नहीं हुआ अपितु पूरे विश्व भर में बदनामी हो रही है । यह बाबा न तो सरदार थे और नहीं हिदू और नहीं मुसलमान। एक प्रकार से इन्होंने तीन बड़े धर्मो का नुकसान किया जिसमें प्रमुखता से हिंदू धर्म का।

जब से राम रहीम का प्रकरण सुखर््िायों में आने लगा तब से यह सेकुलर मीडिया बार - बार केवल यह बता रहा है कि बाबा राम रहीम को सत्ता का संरक्षण हासिल था। यह बात सही है कि विगत चुनावों में बाबा राम रहीम ने पीएम मोदी को समर्थन दिया था और विधानसभा चुनावों में भी हरियाणा में भाजपा ने बाबा के समर्थन से ही अपनी सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की थी। लेकिन यही मीडिया बड़ी आसानी से यह बात छिपा रहा है कि बाबा राम रहीम ने अपना जो साम्राज्य खड़ा कर लिया है उसके लिए कुछ हद तक यूपीए सरकार व हरियाणा में कांग्रेस सरकार का कार्यकाल भी कम जिम्मेदार नहीं है। अभी हाल ही में पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेता ने भी डेरा सच्चा सौदा का समर्थन हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था।

राजनैतिक विश्लेषकों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए था कि जिस आदमी ने बाबा के भेष मंे अपना इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया और यहां तक कि समानांतर सत्ता चला रखी थी क्या उसके खिलाफ ठोस सबूतों के साथ इतनी बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करना आसान नहीं था। बाबा को केवल यौन उत्पीड़न के नाम पर सजा ही नहीं मिली है अपितु इस सजा के बहाने उसका एक बहुत बड़ा किला ढह गया है। यह ढोंगी बाबाओं के खिलाफ मायाजाल के खिलाफ महाजंग छेड़ी गयी है । यह बात सही है कि हाईकोर्ट के बार -बार आदेशों के बाद भी बाबा के समर्थकों पर समय रहते कार्यवाही नहीं हो सकी और बाबा को अदालत की ओर से दोषी पाये जाने के बाद समर्थकों को वहां पर एकत्र रहने दिया गया। बाबा स्वयं दौ सौ कारों के काफिलों के साथ अदालत पहंुचे । बाबा को उम्मीद रही होगी नयायपालिका व पुलिस भी उनकी गुलाम बन चुकी है। लेकिन उन्हंे यह नहीं पता था कि अब उनके पापों का घड़ा भर चुका था।

बाबा राम रहीम का प्रादुर्भाव और उसके बाद जिस प्रकार से उनकी गतिविधियां सामने आने लगी थीं तथा उसी प्रकार उनके प्रति शक की सुई भी घूमने लग गयी थी। लेकिन कानून को पक्के सबूत चाहिये थे जब वह एकत्र हो गये तब एकदम से कार्यवाही हो गयी तथा अब उनके सारे पाप जनता के सामने आ रहे हैं। एक बाबा के रूप में उसकी इतनी शानो शौेकत आंखे खोल देने वाली है। बाबा की लाइफस्टाइल जबर्दस्त रही है लेकिन अब उसका दिवाला निकल जायेगा। एक प्रकार से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने हरियाणा राज्य को कलियुगी राक्षस से मुक्त कराया है। यह एक ऐसा राक्षस निकला जो कि अपनी साध्वियों का रेप करता था। पुरूषों को नपुंसक बनाता था। यह एक पत्रकार हत्याकांड मे भी शामिल है। यह इतना चालाक व शौकीन है कि इसके पास लग्जरी कारों का काफिला है। दो अरब की संपत्ति के स्वामी है डेरा प्रमुख। इसी के बल पर वह सब कुछ खरीद लेना चाहता था। बाबा राम रहीम सत्ता बनवाने मे भी अहम भूमिका अदा करने लगा था। इसके लिए डेरा सच्चा सौदा ने अपनी एक राजनैतिक विंग भी बना ली थी । यह बाबा राजनैतिक ,सामाजिक , आर्थिक हर प्रकार के अपराध का मसीहा निकला। आज उसके नामचर्चा घरों से हथियार, नशीले पदार्थ मिल रहे हैं। यह भी पता चल रहा है कि बाबा राम रहीम के रिश्ते कुख्यात आतंकी दुरजंट सिंह राजस्थानी से रहे हैं यह उनका साला है।

आखिर यह इतना खतरनाक बाबा क्यों और कैसे बन गया इसका विश्लेषण मनोवैज्ञानिकांे को भी करना चाहिए कि जब उसके कृत्यांें के खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई तब देश की सेना को लगना पड़ गया। पंजाब, हयिाणा और दिल्ली पूरी तरह से युद्ध के मौदान में तब्दील हो गये थे । सिरसा में डेरा मुख्यालय को खाली कराने के लिए सेना लगायी गयी तथ सेना ने ही उसका लाइव प्रसारण करवाया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि एक बाबा की वजह से देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा हो रहे थे । राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को शांति की अपील करनी पड़ गयी । रेलवे, इंटरनेट सेवाएं बंद हो गयीं। यह किसी अराजकता से कम वातावरण नहीं था। उस समय खटटर सरकार ने काफी धैर्य से काम लिया। नहीं तो जिस प्रकार के हालात बन रहे थे उससे हिंसा और नुकसान और कहीं अधिक हो सकता था। अब यह बात तो तय हो गयी है कि बाबा राम रहीम आसानी से तो नहीं छूटने जा रहे हैं और नहीं अभी भाजपा का हाईकमान हरियाणा के मुख्यमंत्री खटटर का इस्तीफा लेने जा रहा है। अब बस मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर को हर हालत मे हरियाणा की स्थिति को तेजी से सामान्य स्थिति में लाना होगा ताकि जनता आने वाले चुनावों तक इस हादसे को भूल जाये ।

आज सोशल मीडिया मंे बाबा राम रहीम को सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह की प्रशंसा के पुल बांधे जा रहे हंै। बीजू जनता दल के सांसद बैजयंत पांडा ने लिखा कि,” पश्चाताप अच्छी बात है इसके लिए दस साल की सजा ठीेक है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एच एस फुल्का लिखते हैं कि,” भारत को और मजबूत लोकतंत्र बनाने के लिए हमंे जगदीप सिंह जैसे न्यायाधीशों की जरूरत है।“

निश्चय ही बाबा राम रहीम का प्रकरण पूरे देश, समाज व सिस्टम की आंखें खोल देने वाला प्रकरण है। पता नहीं कैसे देश की भोली- भाली जनता इन राक्षसों के चंगुल में फंसती चली जाती है। इस प्रकरण के बाद अब जनता को भी बाबाओं के प्रति जागरूक होना पडे़गा। बाबा का पूरा नाम था गुरमीत राम रहीम लेकिन वह निकला रेपिस्ट, भू - माफिया और बेनामी संपत्ति का मालिक। अवैध कारनामांे का इंजीनियर था बाबा राम रहीम । भारत के गरीबों का दिल दुखाया है इस बाबा राम रहीम ने। यही नहीं बाबा ने अपनी मुद्रा चला रखी थी कितना शातिर था यह बाबा । प्रेम, सत्य, शांति, अहिंसा का पाठ पढाने वाला बाबा व उसकेे समर्थकों ने इंसा ंके नाम पर हिंसा का जहर बो दिया और पूरे देश को गृहयुद्ध व अराजकता की आग में धकेलने का असफल प्रयास किया। लेकिन अब बाबा का साम्राज्य ढह चुका है। डेरों को चारों ओर से घेर लिया गया है। विगत दिनों पंजाब, हरियाण व रेलवे सहित अन्य संपत्तियों को जितना नुकसान हुआ है वह डेरा समर्थकांे की संपत्ति से ही उसकी भरपाई की जायेगी तथ जितने लोग हिंसा आदि में पकड़े जा रहे हंै उनके खिलाफ भी कठोर से कठोरतम कार्यवाही अब होने जा रही है। न्यू इंडिया में ऐसे ढोंगी बाबाआंे की कोई जगह नहीं हो सकती जिनके कारण अराजकता का नंगा नाच हो । उन साध्वियों के साहस को भी सलाम करना चाहिए जो ऐसे अपराधी तत्वों के समाने नहीं डरीं जिनके पास हर प्रकार ताकत हो।