लखनऊ: बात जब जीवन रक्षा की होती है तो रक्तदान के महत्व को कोई भी नकार नहीं पाता। एक व्यक्ति द्वारा दान किया गया रक्त पांच जिंदगियों को बचा सकता है। इसी लिए रक्तदान को महादान की संज्ञा भी दी गई है।

रक्तदान के इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छात्र कल्याण विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सामाजिक संस्था ब्लड कनेक्ट और एसजीपीजीआई, लखनऊ के सहयोग से आयोजित हुआ जिसमें 150 से भी ज्यादा की संख्या में एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के कर्मचारी, प्रवक्ताण एवं विद्यार्थियों ने रकतदान किया।

रक्तदान शिविर का शुभारम्भ श्रीमती निर्मल ओहरी और सेवानिवृत्त मेजर जनरल केके ओहरी (एवीएसएम), प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर मंजू अग्रवाल, डीन छात्र कल्याणए एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर ने सभी रक्तदाताओं को इस पुनीत कार्य में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

रकतदान के महत्व को रेखांकित करते हुए करते हुए मेजर जनरल केके ओहरी ने कहा कि, रक्तदान से बडा आज के दौर में कोई दान नहीं इससे न केवल कई जीवन सुरक्षित होते हैं बल्कि रक्तदान करने वाले का भी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सबल होता है। उन्होंने युवावर्ग को समाज में जरुरतमंदो की सहायता के लिए आगे आने के लिए कहा।

कार्यक्रम के दौरान निदेशक एमिटी ला स्कूल प्रोफेसर बलराज चैहान, एसजीपीजीआई के डा. धीरज खेतान, डा. अरविन्द, और डा. नितेश के साथ ब्लड कनेक्ट की चीफ कोआर्डिनेटर जानकी श्रीवास्तव और डा. भरत ने उपस्थित रहकर रक्तदाओं का मनोबल बढ़ाया।