ट्रंप ने मैक्सिको को अमरीकी सैनिक भेजने की दी धमकी

ट्रंप ने मैक्सिको को अमरीकी सैनिक भेजने की दी धमकी

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको के अपने समकक्ष को फोन कर धमकाते हुए कहा है कि अगर मेक्सिको की सेना अपने देश के ‘गंदे लोगों’ को काबू में करने के लिए कुछ और नहीं करेगी तो अमेरिका इस काम के लिए अपनी सेना भेजने के लिये तैयार है।’ट्रंप ने अक्तूबर में हुई राष्ट्रपति पद की बहस में मेक्सिको के ‘मादक पदार्थ तस्करों और बुरे लोगों’ के लिये ‘‘बैड होम्बर्स’ (गंदे लोग) मुहावरे का इस्तेमाल किया था और अमेरिका को इनसे छुटकारा दिलाने का संकल्प जताया था।

‘द एसोसिएट प्रेस’ को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो के बीच शुक्रवार सुबह फोन पर हुई बातचीत के कुछ अंश मिले हैं। हालांकि इसमें इस बात का विस्तार से उल्लेख नहीं है कि ट्रंप ‘गंदे लोग’ शब्द का इस्तेमाल किन लोगों के लिए कर रहे हैं और ना इनमें उनकी इस टिप्पणी के लहजे और परिप्रेक्ष्य के बारे में स्पष्ट किया है।

बातचीत के ये दुर्लभ और चौंकाने वाले अंश इस बात का खुलासा करते हैं कि नये राष्ट्रपति ट्रंप की बंद दरवाजों के पीछे कूटनीति किस तरह की है। ट्रंप की टिप्पणी से यह पता चलता है कि वह दुनिया के नेताओं के साथ भी उसी स्वर में और रूखाई से बातचीत कर रहे हैं जैसा कि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी रैलियों में किया था। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मेक्सिको की सरकार ने कहा कि यह विवरण सही नहीं था।

दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत का मकसद नये राष्ट्रपति और उनके समकक्ष के बीच चीजों को बेहतर करना था। नये राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि सीमा पर दीवार का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए भगुतान मेक्सिको करेगा, इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर कहासुनी हुई थी। मेक्सिको इस पर लगातार असहमति जताता रहा है।

एपी को मिले बातचीत के अंश के अनुसार, ट्रंप ने पेना नीटो से कहा - ‘आपके यहां गंदे लोगों की भरमार है। आप उन्हें रोकने के लिए जो कर रहे हैं वह पर्याप्त नहीं है। मुझे लगता है कि आपकी सेना डर गयी है। लेकिन हमारी सेना नहीं डरती। इसलिए उन पर लगाम लगाने के लिये मैं सेना भेज सकता हूं।’’ फोन पर हुई बातचीत की आधिकारिक प्रतिलिपि में से ‘एसोसिएट प्रेस’ को बातचीत का केवल यही अंश उपलब्ध कराया गया है।

मेक्सिको की एक वेबसाइट एरिस्तेगुई नोतिसियास ने मंगलवार को पत्रकार डोलिया एस्तेवेज की रिपोर्टिंग के हवाले से इसी तरह की फोन पर हुई बातचीत प्रकाशित की थी। बहरहाल, मेक्सिको के विदेश मामलों के विभाग ने इस तरह की बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि ‘यह पूरी तरह से झूठ पर आधारित है’ और बाद में यह भी कहा कि यही बयान एपी को मिले बातचीत के अंश पर भी लागू होता है।