सपा-कांग्रेस गठबंधन का कल्बे जवाद ने किया विरोध, बसपा को दे सकते हैं समर्थन

सपा-कांग्रेस गठबंधन का कल्बे जवाद ने किया विरोध, बसपा को दे सकते हैं समर्थन

लखनऊ: शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने आज सपा-कांग्रेस गठबंधन को मुस्लिम विरोधी बताते हुए विधानसभा चुनाव में बसपा को समर्थन देने का संकेत किया ।

हजरतगंज स्थित इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद में शिया-सुन्नी एकता फ्रंट की ओर से आयोजित पत्रकारवार्ता में मौलाना ने कहा कि प्रदेशभर के शिया-सुन्नी उलमा से बातचीत करने के बाद सपा व कांग्रेस को वोट न देने का फैसला किया गया है। सभी उलमा मिलकर दो दिन में किस पार्टी को समर्थन दें इसका एलान करेंगे। मौलाना ने मुजफ्फरनगर व दादरी सहित अन्य दंगों का जिम्मेदार ठहराते हुए सपा को जमकर कोसा। मौलाना ने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों ही मुसलमानों को वोट बैंक के लिए इस्तेमाल कर रहीं हैं। इसलिए केवल मुसलमान ही नहीं मेरी अपील सभी प्रदेशवासियों से है कि विधानसभा चुनाव में सपा व कांग्रेस का बहिष्कार करें।

मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के विकास की झूठी तस्वीर पेश की है। जिन प्रोजेक्ट के बल पर सपा प्रदेश की जनता को अपने विकास का मॉडल बता रही है, उसमें अधिकांश पूरे ही नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने क्रेडिट लेने के लिए अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर प्रदेश की जनता को धोखा दिया है।

सपा व कांग्रेस को मुस्लिम विरोधी करार देकर मौलाना कल्बे जवाद दो दिन में भाजपा व बसपा में किसी एक पार्टी को समर्थन देने का एलान करेंगे, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मौलाना बसपा को समर्थन दे सकते हैं। पिछले दिनों बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व इंतेजार आब्दी बॉबी के साथ मौलाना की हुई कई मुलाकातें इसका प्रमाण हैं। इन मुलाकातों में मौलाना ने अपनी कई मांगें रखी थीं। सपा से नाराज मौलाना की मांगों को पूरा करने का नसीमुद्दीन पहले ही भरोसा जता चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ हुई इस बैठक में मौलाना कल्बे जवाद ने बसपा प्रमुख मायावती से मिलने की इच्छा जताई थी। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही मायावती से मुलाकात कर मौलाना कल्बे जवाद बसपा के समर्थन में वोट देने का एलान कर सकते हैं।

Lucknow, Uttar Pradesh, India