यूपी चुनाव: भाजपा की पहली लिस्ट जारी, 149 प्रत्याशी, सात बाहरी उम्मीदवार

यूपी चुनाव: भाजपा की पहली लिस्ट जारी, 149 प्रत्याशी, सात बाहरी उम्मीदवार

नई दिल्ली: भाजपा ने उत्तरप्रदेश विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव के लिये 149 उम्मीदवारों की सूची जारी की जिसमें प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा शामिल है। भाजपा ने सोमवार जिन सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की उनमें 11 और 15 फरवरी को होने वाले पहले और दूसरे चरण में मतदान होना है। वाजपेयी को मेरठ से टिकट दिया गया है जहां से वह वर्तमान विधायक हैं जबकि कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को अतरौली से और श्रीकांत शर्मा को मथुरा से टिकट दिया है। सिंह और शर्मा पहली बार चुनावी समर में उतर रहे हैं। उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव जे पी नड्डा ने कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गो को शामिल करने का प्रयास किया गया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार रात उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया था। उम्मीदवारों की सूची में संगीत सोम और सुरेश राणा का नाम भी शामिल है जिन पर मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े आरोप लगे हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री एवं उत्तरप्रदेश के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के नाम पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है क्योंकि इस सूची में पंकज सिंह का नाम नहीं है।

भाजपा ने साहिबाबाद और नोएडा समेत कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की । साहिबाबाद और नोएडा सीट को लेकर सिंह के नाम पर अटकलें लग रही थी। उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश विधानसभा के लिए 403 सीटों के लिए सात चरणों में 11, 15, 19, 23, 27 फरवरी और 4 एवं 8 मार्च को चुनाव होने हैं। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंगलवार (17 जनवरी) को फिर बैठक होगी जिसमें और उम्मीदवारों के नाम तय किये जायेंगे। भाजपा इस बार राज्य में चुनाव की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित है जहां वह साल 2002 से सत्ता से बाहर है। चुनाव के करीब आने के बीच भाजपा में इस बार बसपा, सपा, कांग्रेस जैसे दलों से काफी संख्या में नेता पाला बदल कर आए हैं। बहरहाल, ऐसी अटकलें सामने आ रही हैं कि बसपा से भाजपा में आए वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य संभावित उम्मीदवारों की पसंद को लेकर नेतृत्व से अप्रसन्न बताये जा रहे हैं। भाजपा उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना नहीं चाहती।