जो समाज अपना इतिहास भूलता है वह भविष्य नहीं बना सकता: राज्यपाल

जो समाज अपना इतिहास भूलता है वह भविष्य नहीं बना सकता: राज्यपाल

रायबरेली : आज पूर्वान्ह चुनाव आयोग से रायबरेली में राना बेनीमाधव बक्श सिंह की मूर्ति के अनावरण समारोह में सम्मिलित होने के संबंध में जवाब प्राप्त होने पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने कार्यक्रम में शिरकत की। राज्यपाल ने आज दोपहर में जनपद रायबरेली में 1857 स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा राना बेनीमाधव बक्श सिंह की अश्वरोही कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। उल्लेखनीय है कि कल देश शाम तक चुनाव आयोग से कोई सूचना न प्राप्त होने पर राज्यपाल ने रायबरेली भ्रमण कार्यक्रम स्थगित कर दिया था।

राज्यपाल ने 1857 स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा राना बेनीमाधव बक्श सिंह तथा आंदोलन में शहीद किसानों को आदरांजलि अर्पित करते हुये कहा कि ऐसे योद्धाओं का अपना इतिहास है। जो समाज अपना इतिहास भूलता है वह कभी भविष्य नहीं बना सकता है। अंग्रेजों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को विद्रोह और बगावत कहा था। वीर सावरकर ने पहली बार यह प्रमाणित किया कि यह बगावत नहीं स्वतंत्रता संग्राम का पहला समर था। इसी क्रम में नाना साहब, रानी लक्ष्मीबाई, नानाजी पेशवा आदि ने अपना योगदान दिया। समाज के सामने जिन लोगों ने नया इतिहास रखा और सोये हुये समाज को जागृत किया, ऐसे वीर योद्धाओं की प्रतिमा जब स्थापित होती है तो समाज में नयी चेतना पैदा होती है। 1916 में कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में लोकमान्य तिलक ने कहा था कि ‘स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं उसे प्राप्त करके रहूंगा।’ महात्मा गांधी, पं0 नेहरू के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना बलिदान और आहूति देने वालों की जानकारी समाज में लाने की आवश्यकता है। श्री नाईक ने देश की स्वाधीनता में योगदान करने वाले स्वातंत्र्य वीर सावरकर, सरदार भगत सिंह, मदन लाल धींगरा, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और बहादुर शाह जफर को याद करते हुये उनकी कुछ पंक्तियाँ दोहराई। राज्यपाल ने कहा कि वीर सावरकर सहित अनेकों देशभक्तों ने अण्डमान के सेल्यूलर जेल में देश के लिये कड़ी यातनायें सही हैं। ऐसे महापुरूषों के बलिदान के कारण अपना देश आजाद हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वराज को सुराज में बदलने के लिये हर व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहते हुये उन्होंने किस तरह वीर सावरकर का स्मारक व अमर ज्योत का निर्माण करवाया था।

राज्यपाल ने कहा कि देश 1947 में आजाद हुआ तथा 1950 में नया संविधान लागू हुआ। तब से आज तक हमारा देश एक सफल जनतंत्र के रूप में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। विश्व के केवल चार देश ही आबादी में उत्तर प्रदेश से बडे़ हैं। निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं। 18 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को संविधान द्वारा मतदान करने का अधिकार दिया गया है। 2012 के विधान सभा चुनाव में 12.74 करोड़ मतदाता थे जिसमें केवल 59.52 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया तथा 2014 के लोकसभा चुनाव में 13.88 करोड मतदाताओं में केवल 58.27 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया जिसका मतलब यह है कि करीब 40 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। मतदान किसको करना है यह हर व्यक्ति का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिये शत-प्रतिशत मतदान हो और सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें इसके लिये लोगों में प्रबोधन की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे और राना बेनीमाधव बक्श सिंह एवं आंदोलन में शहीद किसानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Uttar Pradesh, India