पूर्व सीजेआई ने की स्वतंत्र और बेख़ौफ़ न्यायपालिका की प्रार्थना

पूर्व सीजेआई ने की स्वतंत्र और बेख़ौफ़ न्यायपालिका की प्रार्थना

नई दिल्ली: अपने कार्यकाल के आखिरी दिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने बेखौफ न्यायपालिका की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हमें जजों की कमी और भारतीय समाज की समग्रता को ध्यान में रखते हुए आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। सुप्रीम कोर्ट लॉन्स में अपने फेयरवेल फंक्शन में उन्होंने वकीलों से अपील करते हुए कहा कि न्यायपालिका को स्वतंत्र और बेखौफ रहना चाहिए। पहले वकील और फिर जज के अपने 45 साल के करियर को याद करते हुए ठाकुर ने कहा, मैं इस संस्था के लिए जो सर्वश्रेष्ठ कर सकता था, मैंने किया। मैं रिटायर हो रहा हूं लेकिन बाहर से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा के लिए प्रार्थना करूंगा।

इस आयोजन में ठाकुर के साथ भारत के नए चीफ जस्टिस जेएस खेहर भी थे। ठाकुर ने कहा कि न्यायपालिका के सामने कई चुनौतियां हैं और उसे आगे और कठिन चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा वर्तमान में कई चुनौतिया हैं। आपके पास 3 करोड़ मुकदमे लंबित हैं। आपके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। आपके पास जजों की संख्या कम है। आने वाले समय में आपके पास और भी गंभीर मुद्दे सामने आएंगे। साइबर कानून, मेडिको-लीगल, जेनेटिक्स, प्राइवेसी को लेकर आपके आगे कई मुद्दे आएंगे। उन्होंने कहा कि देश एक महान पुनरुत्थान के मुहाने पर खड़ा है और हथियारों के रूप में ही नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी एक महान विश्वशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक न्यायपालिका विकास की चुनौतियों से निपट न ले। उन्होंने विकास के कार्यों और समाज की शांति के लिए वकीलों की भूमिका को बेहद गंभीर बताया है।

बता दें कि जस्टिस ठाकुर ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले दिए थे। देश की अदालतों में जजों की कमी को लेकर उन्होंने कई बार नरेंद्र मोदी सरकार पर तल्ख टिप्पणी की थी। एक मुकदमे के दौरान उन्होंने कहा था कि जज बनना आसान नहीं है और यदि कोई व्‍यक्ति जज बन जाता है तो ज्‍यादा मुश्किल है। उन्‍होंने यह टिप्‍पणी हाल ही में एक जूनियर जज की अपील पर सुनवाई के दौरान की थी। जूनियर जज को उनके गुस्‍से और अनुपयुक्‍त व्‍यवहार के चलते पद से हटा दिया गया था। पूर्व सीजेआई ठाकुर ने कहा था, ” यदि आप जज हैं तो बहुत दिक्‍कत है। आपको सभी तरह वकीलों और याचिकाकर्ताओं का सामना करना पड़ता है। आपको विनम्रता और धैर्य रखना चाहिए क्‍योंकि आपके सामने कई तरह की बकवास आती है।

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