अख़बारों का प्रकाशन भी बंद

श्रीनगर।कश्मीर घाटी में अलगाववादियों द्वारा बंद को अतिरिक्त तीन दिनों के लिए बढ़ा देने के मद्देनजर आज लगातार 11वें दिन भी कर्फ्यू जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं तनाव और कर्फ्यू के बीच हुर्रियत के एक गुट ने प्रोटेस्ट कैलेंडर जारी किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आज लगातार 11वें दिन भी घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू जारी रहेगा।
अनंतनाग जिले के काजीगुंड क्षेत्र में सेना के गश्ती दल पर उग्र भीड़ के हमले के बाद सोमवार को दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि इस गोलीबारी में चार अन्य भी घायल हुए हैं।
हिजबुल कमांडर बुरहान वानी और उसके दो सहयोगियों की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद से ही हिसा का माहौल है। इसमें 45 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें 43 नागरिक और दो पुलिसकर्मी हैं। प्रशासन ने घाटी में सभी मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद कर दी है और मोबइल फोन पर कॉलिंग सुविधा भी बंद है।
भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) के पोस्ट-पेड सेल फोन पर सीमित कॉल सेवा दी जारी है। घाटी में पिछले तीन दिनों से किसी भी स्थानीय भाषा या अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुआ है। महबूबा मुफ्ती के सलाहकार अमिताभ मट्टू ने मीडिया को बताया कि समाचार पत्रों के प्रकाशन पर प्रतिंबध लगाने का फैसला मुख्यमंत्री के कहने पर नहीं लिया गया। मट्टू ने कहा कि यह फैसला स्थानीय स्तर पर लिया गया है। प्रशासन ने घाटी में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 25 जुलाई तक बंद रखे हैं।