आजम के इशारे पर काम कर रहे है वक्फ बोर्ड के चेयरमैन: मौलाना हबीब हैदर

आजम के इशारे पर काम कर रहे है वक्फ बोर्ड के चेयरमैन: मौलाना हबीब हैदर

लखनऊ: यूपी प्रैस कल्ब में एक प्रैस कान्फ्रैंस को खिताब करते हुए मौलाना हबीब हैदर ने कहा कि 2012 में इलेकशन के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये यकीन दिलाया था कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में बडेे पैमाने पर हो रही अनियमितताओं और घोटालों की जांच कराकर कारवाई की जाएगी । सपा सरकार बनने  के बाद उलेमा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना सय्यद कल्बे जव्वाद नक्वी के नेतृत्व में 19 मार्च 2012 को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की और शिया वक्फ बोर्ड में हो रही अनियमितताओं की सीबीआई जांच की माॅेग की और दुबारा इलेकशन कराए जाने की बात रखी ।उन्होंने यकीन दिलाया कि सरकार शिया वक्फ बोर्ड में ईमानदार लोगों को लाए जाने और अनियमितताओं  को खत्म करने के लिए तैयार है लेकिन दो महीने गुजर जाने के बाद भी जब कोई कारवाई नहीं हुई तो उल्मा ने मिल कर शिया महासम्मेलन का फैसला किया जो 6 मई 2012 को आसफी मस्जिद में हुआ । इस सम्मेलन में पूरे हिंदूस्तान से ओलमा शरीक हुए और समाजवादी सरकार के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने इस सम्मेलन में शरीक होकर किए गए वादों को पूरा करने की यकीन दहानी कराई और वक्फ बोर्ड में हो रही अनियमितताओं की सीबीआई जांच का वादा किया । इसके बाद भी इस वाअदे पर अमल नहीं हुआ तो 28 मार्च 2012 को उल्मा ने मौलाना सय्यद कल्बे जव्वाद नक्वी की सरबराही में विधान सभा के घेराव  का ऐलान किया उसी दिन प्रदेश सरकार ने शिया वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया गया साथ ही उस वक़्त के चेयरमैन जिन पर घोटालों के इल्जामात और मुकद्दमे कायम थे उन्होंने अपना इस्तीफा पेश कर दिया ।इसके बाद प्रदेश सरकार ने शिया उलमा से मीटिंग की जिसमें उल्मा ने सीबीआई जांच की मांग की लेकिन प्रदेश सरकार ने सीबीसीआईडी जांच का हुक्म जारी किया । ओलमा सपा सरकार के इस फैसले से खुश नहीं थे क्योंकि सब जानते  थे कि इस तरह सरकार वक्फ बोर्ड के मामलों को ठंडे बस्ता में डाल देना चाहती है लेकिन फिर भी इस फैसले का स्वागत किया गया कि हो सकता है सरकार अपने वादों के बारे में गंभीर हो और कार्रवाई करने में यकीन रखती हो ।30 दिसंबर 2013 को सीबीसीआईडी ने हुकूमत की सोच के विपरीत  वक्फ बोर्ड में हुए चार सौ पच्चास करोड रुपये के घोटालों को जाहिर कर दिया और वक्फ चेयरमैन को घोटालों का मुजरिम मानते हुए उनकी गिरफ्तारी का नोटिस जारी किया ।जिसके बाद प्रदेश के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गईं ।इसके बावजूद सरकार ने वक्फ चेयरमैन के खिलाफ वक्फ मंत्री के दबाव  में कोई कार्रवाई नहीं की । इन्ही ना इंसाफियों के मद्दे नजर शिया कौम ने 26 जुलाई 2014 को वक्फ मंत्री के आवास को घेरने का ऐलान किया जिस में हजारों लोग शरीक हुए लेकिन वक्फ मंत्री के इशारे पर इस आंदोलन को रोकने की कोशिश की जिसका नतीजा ये हुआ कि पुलिस ने उनके इशारे पर प्रदर्शनकारियों और ओलमा पर लाठी चार्ज किया गया जिसमें सैकडों लोग घायल  हुए ,ओलमा को चोटें आएं और एक रोजादार को शहीद कर दिया गया । इसके बाद 6 अगस्त  2014 को शिया सम्प्रदाय  ने एक बार फिर ,एक  होकर सरकार की ना इंसाफियों और वजीरे वक्फ की बदनीयती के खिलाफ विरोध करने  का ऐलान किया और हजरतगंज को जाम करने का एलान किया जिसके बाद मुख्यमंत्री  ने उलमा से मुलाकात की और समाजवादी के सरबराह मुलायम सिंह यादव से भी मिले जिस के बाद मुलायम  सिंह यादव ने वक्फ बोर्ड के इलेकशन को टाल दिया क्योंकि उलमा का एतराज ये था कि इलेकशन के लिए मौजूदा लिस्ट सही  नहीं है इसको सही करने बाद ही इलेकशन किराया जाये जिसको ठीक करने  के लिए अदालत ने भी हुक्म दिया था।

चुनाओ तलने के तुरंत बाद  वक्फ मंत्री बौखला गए और उन्हों ने मौलाना सय्यद कलब जव्वाद नकवी पर बेबुनियाद इल्जामात लगाना शुरू कर दिए और ऐसी भाषा  का प्रयोग किया जो उनके पद को शोभा नहीं देती थी । इसी आधार पर सरकार ने अदालत में चल रहे मुकद्दमें  के लिए अपना वकील खडा नहीं किया जिसके आधार  पर वक्फ बोर्ड को बहाल कर दिया गया लेकिन इस बहाली में ये आडर कहीं मौजूद नहीं था कि साबिक चेयरमैन जो इस्तीफ़ा  दे चुके थे वो कारगुजार रहेंगे लेकिन वक्फ मंत्री की मिली भगत और सरकार पर उनके दबाव  की वजह से पूर्व  चेयरमैन जिन पर सी बी सी आई डी ने घोटालों के आरोपों  को सही करार दिया था को वक्फ बोर्ड पर थोप दिया जिसके बाद उन्हों ने वजीर वक्फ के इशारे पर इंतिकामी कार्रवाई शुरू की और इसका पहला सबूत रामपुर  है जहां सैकडों दूकानों को गिरा  दिया गया ,इसी तरह लखनऊ में भी वो इमारतें जो मालं इमाम और वक्फ के पैसे से अवाम की भलाई  के लिए बनाई गई थीं उन्हें भी गिराने की साज़िश हो रही है । इन में स्कूल ,कालेज  और दूसरी इमारतें शामिल हैं ।जबकि ये इमारतें वक्फ बोर्ड की मंजूरी के बाद ही बनाई गई थीं लेकिन उन्हें भी गिराने की योजना तैय्यार कर  ली गयी  है और तरह तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं । उनके द्वारा औकाफ को जो नुक्सान पहूंच रहा है उसकी सारी ज़िम्मेदारी सैप[सपा  सरकार पर  होगी ।शिया कौम को नुक्सान पहूँचाने के लिए उसे माध्यम  बना या गया है और वो बना हुआ है ।

। उल्माने स्पष्ट रूप से  कहा कि शिया  वक्फ बोर्ड के रिकार्डस में भी हेरा फेरी की जा रही है ताकि मनमाने तरीके से बे ईमानीयाँ की जा सके ।

। उल्मा ने दस्तावेज की रोशनी में कहा कि वक्फ सजादिया कदीम का जिसे मुतवल्ली बनाया गया है इस ने वक्फ बोर्ड पर मुकद्दमा कायम किया था कि बोर्ड ने जिस जमीन पर कॉलोनी बनाने के लिए आडर पास किया है वो जमीन उसकी निजी मिल्कियत है ।हाईकोर्ट ने इस के खिलाफ फैसला दिया और साफ लफ्जों में कहा कि इस ने कोर्ट को गुमराह करने का काम किया है और फ्रॉड  किया है ।इसी शख्स को वक्फ सजादिया कदीम का मुतवल्ली बना दिया गया जबकि वक्फ ऐक्ट में कानून मौजूद है कि जो शख्स वक्फ मुफादात के खिलाफ काम करता हुआ पाया जाएगा उसे वक्फ का मुतवल्ली नहीं बना या जाएगा मगर कानून की खिलाफवरजी की गई और उसे मुतवल्ली बनाया गया।उल्मा ने कहा कि नाम निहाद चेयरमैन इस लिए पुराने मुतवल्लियों को हटाकर नए मुतवल्ली बना रहा है ताकि जो वक्फ की जमीनों पर सरकार के नाजायज क़ब्ज़े  हैं उन पर कोई कार्रवाई ना होसके और इस तरह वो वक्फ की जमीनों को बेचता रहा ।

।उलमा ने रियास्ती सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने मौलाना कलबे जव्वाद नक्वी की बीमारी का फायदा उठाकर हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीनों पर तजईन कारी के नाम पर नाजायज कबजे किए हैं और अब छोटे इमाम बाडे की गैलरी को खोदने की तैय्यारयाॅे ं की जा रही हैं ।

।उल्मा ने कहा कि अगर चेयरमैन और वजीरे वक्फ पुराने मुतवल्लियों को बेईमान बता रहे हैं तो वो सीबीआई जांच से क्यों भाग रहे हैं ।हम चाहते हैं कि सीबीआई जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी होसके लेकिन यही लोग स बीआई जांच से कतरा रहे हैं क्योंकि उनकी बे ईमानीयाँ इस तरह बेनकाब हो जाएंगी ।

इस मौके पर उस सात सदस्यों  की कमेटी का ऐलान भी किया गया जो मौलाना कल्बे जव्वाद नक्वी की सरपरस्ती में उनके सेहतयाब होने तक काम करेगी इस कमेटी में मौलाना हबीब हैदर ,मौलाना शबाहत हुसैन ,मौलाना तसनीम मह्दी ,मौलाना अमीर हैदर ,मौलाना रजा हुसैन ,मौलाना फरिोज हुसैन और मौलाना इफ्तिखार हुसैन इन्किलाबी शामिल हैं।

उन्ही तमाम समस्याओं को ध्यान में रखते हुए  उल्माने फैसला किया है कि वो 14 मार्च 2015 को लखनऊ  में एक बडी उलमा की कान्फ्रैंस करें जिस में उत्तरप्रदेश के आइम्मा जुमा को बुलाया गया है ताकि उन मसाइल पर गौर-ओ-फिक्र किया जाए क्योंकि उस वक््त रियास्ती सरकार का रवैय्या बडा मायूसकुन है और ये सरकार शीया कौम को बिलकुल नजरअंदाज कर रही है ।इस जलसे में आगे की रण्निती तैय्यार किया जाएगी । प्रैस कान्फ्रैंस में मौलाना हबीब हैदर ,मौलाना शबाहत हुसैन ,मौलाना इफ्तिखार हुसैन इन्किलाबी ,मौलाना तनवीर हुसैन ,मौलाना जव्वार हुसैन ने शिरकत की

Lucknow, Uttar Pradesh, India