पर्यटन उद्योग राज्य सरकार की प्राथमिकता: अखिलेश

पर्यटन उद्योग राज्य सरकार की प्राथमिकता: अखिलेश

मुख्यमंत्री ने किया ‘दि हेरिटेज आर्क’ वेबसाइट का शुभारम्भ और पुस्तिका का विमोचन 

लखनऊ: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यटन उद्योग को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास की दिशा में पिछले तीन वर्षों में महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जो सरकार की विकासपरक कार्ययोजना और पर्यटन उद्योग के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आगरा, लखनऊ, वाराणसी पर केन्द्रित हेरिटेज आर्क योजना इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। तहजीब के नगर लखनऊ, ताज नगरी आगरा और धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी को शामिल करते हुए हेरिटेज आर्क के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है, जो पर्यटन के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखेगा।

मुख्यमंत्री ने आज यहां लामार्टिनियर ब्वाॅयज काॅलेज में आयोजित शानदार समारोह और रंगारंग आतिशबाजी के बीच ‘उत्तर प्रदेश ट्रैवेल मार्ट-2015’ के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए कहा कि पर्यटन विभाग का यह प्रयास सराहनीय है कि उसने देश की प्रतिष्ठित संस्था फिक्की के साथ मिलकर ‘उत्तर प्रदेश ट्रैवेल मार्ट’ का आयोजन किया, जो पर्यटन विकास की दिशा में लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग इस मौके पर अपने बहुमूल्य सुझावों एवं अनुभवों को साझा करेंगे। इन सुझावों पर राज्य सरकार भी विचार कर पर्यटन उद्योग को और सुदृढ़ करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में असीम पर्यटन सम्भावनाएं हैं, जिसका प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ दुनिया में कई परिवर्तन हुए हैं। लोगों की रफ्तार बढ़ी है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिला है। कई देशों ने पर्यटन को उद्योग बनाकर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। राज्य सरकार भी इस दिशा में कार्य कर रही है। पर्यटन उद्योग के विकसित होने से रोजगार और आर्थिक प्रगति के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही राज्य में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नदियों और ऐतिहासिक इमारतों की बहुतायत है, जिन पर पर्यटन की दृष्टि से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की गोमती नदी को संवारने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले समय में गोमती के तट खूबसूरती के साथ विकसित होंगे।

श्री यादव ने कहा कि ताज महल का सौन्दर्य विश्व प्रसिद्ध है। राज्य सरकार की कोशिश है कि ताज महल आने वाले पर्यटक, हेरिटेज आर्क के जरिये लखनऊ और वाराणसी भी आएं और यहां की संस्कृति तथा खूबसूरत स्थलों से वाकिफ हों। उन्होंने कहा कि ताज महल के आसपास के क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टूअर आॅपरेटर्स का सक्रिय योगदान और उनकी प्रभावी भूमिका पर्यटन को बढ़ावा देगी। उन्हांेने कहा कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने से लोगों के मध्य समन्वय स्थापित होता है और एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का मौका मिलता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘दि हेरिटेज आर्क’ वेबसाइट का शुभारम्भ और पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह् भेंट किया गया।

पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि आज का दिन गौरव और सम्मान का दिन है, जब मुख्यमंत्री के हेरिटेज आर्क के सपने को संकल्प के साथ साकार करने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और ट्रैवेल मार्ट एक-दूसरे के पूरक हैं। पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और इसकी पहचान की मार्केटिंग कर पर्यटन उद्योग को सुदृढ़ किया जा सकता है।

मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश ट्रैवेल मार्ट-2015’ का आयोजन पहली बार हो रहा है। यह पर्यटन उद्योग को बढ़ाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विविधता में एकता का नायाब उदाहरण है और यही हमारी समृद्धि और मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो कि प्रदेश के विकास की दिशा में प्रभावी सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक, आई0टी0 और इलेक्ट्राॅनिक क्षेत्रों में नई नीतियां लाई गई हैं। इसी प्रकार पर्यटन के विकास की दिशा में भी नए निर्णय लिए गए। मेट्रो परियोजना का आरम्भ हो चुका है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कार्य चल रहा है। लखनऊ आई0टी0 सिटी के रूप में विकसित होगा। आगरा, लखनऊ और वाराणसी को हेरिटेज आर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है।

पर्यटन सचिव श्री अमृत अभिजात ने विभाग की योजनाओं और पर्यटन विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से अनेक स्थल हैं, जिन्हें विकसित करने और उनके प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने की योजनाएं चल रही हैं।

Lucknow, Uttar Pradesh, India