20 साल बाद मराठा मंदिर से हटी डीडीएलजे

20 साल बाद मराठा मंदिर से हटी डीडीएलजे

मुंबई। मुंबई के सिनेप्रेमियों को फिल्म "दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे" (डीडीएलजे) को बड़े पर्दे पर देखना अब नसीब नहीं होगा। शहर के प्रतिष्ठित मराठा मंदिर सिनेमाघर में लगातार 20 साल से चल रही डीडीएलजे गुरूवार को हटा ली गई। शाहरूख खान, काजोल की मुख्य भूमिकाओं वाली डीडीएलजे एक प्रेम कहानी पर आधारित थी। मराठा मं दिर के प्रबंध निदेशक मनोज देसाई ने बताया, ""जी हां, यह सच है। हमने फिल्म हटा ली है। आज (गुरूवार) सुबह का शो फिल्म का आखिरी शो था।""फिल्म 1995 में अपने प्रदर्शन के समय से लगातार 20 सालों तक पूर्वाह्न 11.30 बजे के शो में चलती रही थी। फिल्म के आखिरी शो को देखने 210 लोग आए।

डीडीएलजे को वर्ष 1996 में 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे, जिनमें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार शामिल था। फिल्म भारतीय सिनेमा में सबसे लंबे समय तक चलने वाली दूसरी फिल्म है। फिल्म का शो बंद करने का कारण पूछने पर देसाई ने कहा, ""पहले फिल्म देखने के लिए काफी दर्शक आते थे, जिनमें विदेशी दर्शक भी होते थे। अब लोगों का आना कम हो गया है।""

साथ ही उन्होंने कहा कि अब नई फिल्मों को अतिरिक्त प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। पहले डीडीएलजे के कारण नई फिल्मों को पूरा प्रदर्शन नहीं मिल पाता था। दिवंगत फिल्म निर्माता यश चोपड़ा के बैनर तले बनी इस फिल्म से आदित्य चोपड़ा ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा था। फिल्म में दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी, अनुपम खेर, फरीदा जलाल और मंदिरा बेदी ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं।