विकास एजेण्डे से समाज के सभी वर्गों को मिलेगा को लाभ

विकास एजेण्डे से समाज के सभी वर्गों को मिलेगा को लाभ

मुख्यमंत्री ने जारी किया वर्ष 2015-16 का विकास एजेण्डा 

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के बहुमुखी विकास के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु विकास का एजेण्डा निर्धारित कर दिया है। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को निर्धारित एजेण्डा को पूरी गम्भीरता एवं तत्परता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास एजेण्डे 2015-16 के मुख्य सूत्र-समावेशी एवं सहभागी विकास, योजनाओं/कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु नवीनतम तकनीक का प्रयोग, प्रभावी व पारदर्शी प्रशासन होंगे। उन्होंने बताया कि पहली बार एजेण्डा तैयार करने में आमजन से प्राप्त सुझावों को अमल में लाया गया है। पिछले वर्ष की चालू प्राथमिकताओं के साथ अनेक नए बिन्दु भी सम्मिलित किए गए हैं। एजेण्डे के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट में आवश्यक प्राविधान भी सुनिश्चित होंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समावेशी एवं सहभागी विकास से सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। साथ ही, समाज के सभी वर्गों व व्यक्तियों को विकास का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास में जब तक आमजन को लाभ और उसकी भागीदारी नहीं होती, तब तक समृद्धि और उन्नति सही मायने में नहीं आएगी। यह सोचकर विकास एजेण्डे में समावेशी एवं सहभागी विकास को मुख्य सूत्र बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री ने आज अपने सरकारी आवास पर विकास एजेण्डा 2015-16 जारी करने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि इस एजेण्डे के फोकस वाले 09 क्षेत्र-उद्योग व अवस्थापना एवं लोक निर्माण, ऊर्जा, मानव संसाधन विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम, कृषि, ग्राम्य विकास, नगर विकास एवं नगरीय गरीबी उन्मूलन के साथ-साथ पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासन होंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के विकास एजेण्डे को निर्धारित करने से पहले यह तय किया गया कि विकास की दिशा क्या हो और विकास कार्यों को कैसे लागू किया जाए ? फिर उन कार्यों के लिए बजट में व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद घोषणा पत्र की घोषणाओं को दो वर्षों में पूरा करने की सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे पूरा करने में सफलता मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास एजेण्डे में बिजली, सड़क, बुनियादी सुविधाओं सहित कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों को चार लेन से जोड़े जाने का कार्य तेजी से चल रहा है और यह कार्य शीघ्र ही पूर्णता की ओर होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 26 साल से बन रहा बलरामपुर का पुल पूरा किया जा चुका है। इसी प्रकार अन्य नदियों पर भी बनने वाले पुलों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि महोबा में पहला 10 मेगावाट का सोलर पावर प्लाण्ट संचालित किया जा चुका है। लोहिया आवासों में सोलर पावर से बिजली देने का कार्य किया जा रहा है। 

श्री यादव ने कहा कि विकास एजेण्डे में भर्तियों पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके अन्तर्गत जहां पुलिस के रिक्त पडे़ उपनिरीक्षकों एवं आरक्षी के पदों के सापेक्ष 4000 उपनिरीक्षक तथा 40000 आरक्षी की भर्ती की जाएगी। साथ ही, ग्राम चैकीदारों तथा जनोपयोगी विभागों में रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरा जाना, बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, चिकित्सा, प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरा जाना, तथा उर्दू अध्यापकों एवं उर्दू अनुवादकों की भर्ती किया जाना भी विकास एजेण्डे में शामिल हैं।

वर्ष 2015-16 के विकास एजेण्डे में गत वर्ष की चालू प्राथमिकताओं के साथ अनेक नए बिन्दुओं को सम्मिलित कर कुल 165 बिन्दु सम्मिलित किए गए हैं। विकास एजेण्डे में सबके विकास के लिए एजेण्डे को सेक्टरवार जैसे-कृषि, ऊर्जा, अवस्थापना सुविधाओं का सृजन, मानव संसाधन विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास एवं ग्राम्य विकास आदि में बांटा गया है। साथ ही, समाज के कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम तथा प्रशासन तंत्र को कुशल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाए जाने हेतु अभिनव प्रयास सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित विभागों से विकास एजेण्डे के तहत निर्धारित समय सीमा में कार्य किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि केन्द्रीय योजनाओं को भी पूरी गुणवत्ता के साथ समय से पूरा किया जाए। 

विकास एजेण्डे में नई पहल के अन्तर्गत उद्योग, अवस्थापना एवं लोक निर्माण के क्षेत्र में ट्रांस गंगा परियोजना, संगम सिटी का विकास, नोएडा/ग्रेटर नोएडा में पार्कों की स्थापना होगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा, आगरा, लखनऊ, मथुरा, इटावा (सैफई) में साइकिल ट्रैक बनाए जाएंगे। एम0एस0एम0ई0 पोर्टल विकसित किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति तथा एक्सपोर्ट नीति घोषित होगी। प्रदेश में कोर रोड नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण एवं चक्रानुसार शत-प्रतिशत मरम्मत की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु हेरिटेज आर्क का पर्यटन विकास तथा नव निर्मित राजकीय पुरातत्व संग्रहालय कन्नौज का आधुनिकीकरण करते हुए उसे बाल एवं सांइस म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा।

श्री यादव ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में काफी गम्भीरता से कार्य कर रही है। वर्ष 2016-17 में जनपद मुख्यालयों को न्यूनतम 22 घण्टे एवं ग्रामीण क्षेत्रों को न्यूनतम 16 घण्टे की विद्युत आपूर्ति किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र में हस्तशिल्प एवं हथकरघा उद्योग से जुडे़ कस्बों के लिए अलग फीडर की व्यवस्था कर बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सेपरेट फीडर की प्रणाली को विकसित किया जाएगा। सोलर पार्कों के विकास पर विशेष जोर होगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए सब्सिडाइज्ड सोलर पैक की व्यवस्था की जायेगी, जिससे बत्ती-पंखा के साथ-साथ कुछ अन्य आवश्यक घरेलू उपकरण भी चल सकें। साथ ही, ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक 8 स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी। नेडा का सृदृढ़ीकरण किया जाएगा। चयनित ग्रामों में सौर ऊर्जा आधारित मिनी ग्रिड योजना कार्यान्वित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मानव संसाधन विकास क्षेत्र में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हेतु मूल्यांकन एवं अनुश्रवण, शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए लैबोरेटरी एवं आॅनलाईन जर्नल की व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की प्रयोगशालाओं में सुदृढ़ीकरण, प्रयोगशालाओं का एन0ए0बी0एल0 एक्रेडिटेशन एवं जनसामान्य को खाद्य पदार्थों की विश्लेषण सुविधा उपलब्ध कराए जाने को भी विकास एजेण्डे में सम्मिलित किया गया है। माॅडल स्कूलों में बाउण्ड्रीवाॅल एवं बालिका छात्रावास निर्मित होंगे। मा0 न्यायालयों में शिक्षा सम्बन्धी वादों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत स्टेट एजूकेशन ट्रिब्यूनल का गठन होगा। प्रदेश में 10 नए इण्टर काॅलेज स्थापित होंगे, जिनके लिए एकमुश्त धनराशि की व्यवस्था बजट में की जाएगी। हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर को विश्वविद्यालय में परिवर्तित किया जाएगा। प्रदेश के शासकीय/निजी इंजीनियरिंग काॅलेजों में प्रवेश हेतु काउन्सिलिंग प्रक्रिया तथा उ0प्र0 प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ में काॅलेजों की सम्बद्धता को सरल बनाते हुए इसकी आॅनलाइन व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2015-16 से प्रारम्भ की जाएगी।

राज्य सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारों को प्राथमिकता दे रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए वेब आधारित प्रणाली को विकसित करने, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख इंडिकेटरों यथा संस्थागत प्रसव, पूर्ण प्रतिरक्षण एवं आधुनिक गर्भ निरोधक तकनीकों/विधियों के प्रयोग में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर सुधार करने के बिन्दु भी शामिल हैं। साथ ही, प्रत्येक जनपद में आधुनिक माॅर्चुअरी/पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण किया जाना तथा लखनऊ में उच्चस्तरीय कैंसर संस्थान के अतिरिक्त इलाहाबाद के कमला नेहरु अस्पताल में राज्य कैंसर संस्थान का निर्माण कर उसे क्रियाशील किया जाएगा तथा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर एवं मेडिकल काॅलेज, झांसी में टर्शरी केयर कैंसर केन्द्र भी क्रियाशील होंगे। भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के अन्तर्गत प्रदेश स्तर के आयुष मिशन को संचालित किया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम क्षेत्र में महिलाओं हेतु रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की स्थापना, रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार एवं रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केन्द्रों की स्थापना किए जाने के साथ ही, प्रदेश के बेरोजगारों के लिए इम्प्लाॅयमेन्ट पोर्टल विकसित किया जायेगा। राजकीय कार्यालयों, संस्थानों एवं नगरीय निकायों के भवनों को डिसेबेल्ड फ्रेण्डली बनाया जाएगा। श्रम कानूनों में सुधार व सरलीकरण होगा।

कृषि क्षेत्र में पारदर्शी किसान योजना तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्राॅप डाईवर्सीफिकेशन योजना को नई पहल के तहत सम्मिलित किया गया है। खाद्यान्न उत्पादन में प्रजाति प्रतिस्थापन दर में वृद्धि होगी। एकीकृत बागवानी विकास मिशन की स्थापना होगी। जैव प्रौद्योगिकी नीति-2014 का निर्धारण एवं नीति के आधार पर जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रदेश का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। इसी प्रकार, ग्राम्य विकास क्षेत्र में प्रदेश के ब्लाॅकों की भौतिक अवस्थापनाओं को आमजन के हिसाब से बेहतर किया जाएगा। सौर ऊर्जा के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल की व्यवस्था होगी।

नगर विकास एवं नगरीय गरीब उन्मूलन क्षेत्र में अफोर्डेबेल हाउसिंग नीति के अन्तर्गत समाजवादी आवास योजना का प्रभावी कार्यान्वयन होगा। महानगरों में सड़कों पर रहने वाले निराश्रितों के लिए आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जाएगी। लखनऊ में गोमती नदी, गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी तथा वाराणसी में वरुणा नदी का तटीय विकास होगा। पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासन के तहत कर एवं निबन्धन की जनोपयोगी व्यवस्थाओं का पी0पी0पी0 आधार पर आधुनिकीकरण किया जाएगा। 

विकास एजेण्डे के अनुसार शहरी गरीबों को आवासीय सुविधा एवं ग्राम्य स्तरीय अधिकारियों को टेबलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं स्टेट क्लीन एवं ग्रीन मिशन, आधार कार्ड हेतु नामांकन एवं चयनित केेन्द्र पोषित योजनाओं के लाभार्थियों का डिजिटाइजेशन तथा आधार कार्ड के साथ लिंकेज का प्रभावी अनुश्रवण किया जाना, जनसमुदाय/हित धारकों को सम्मिलित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों की गुणवत्ता जांचने हेतु स्वतंत्र एजेन्सियों का पैनल बनाया जाना, प्रदेश की तहसीलों/थानों की भौतिक अवस्थापनाओं को आमजन के हिसाब से बेहतर किया जाना, सी0सी0टी0एन0एस0 योजना को पूर्ण रूप से प्रदेश के सभी थानों में क्रियाशील किया जाना जैसे अनेक नए बिन्दुओं को एजेण्डे में सम्मिलित किया गया है।

एजेण्डे में नई पहल के बिन्दुओं के अतिरिक्त विगत वर्ष के चालू बिन्दुओं जैसे-उ0प्र0 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2012 का प्रभावी कार्यान्वयन, सोलर फोटोवोल्टेइक इरीगेशन पम्पों की स्थापना, कामधेनु डेयरी इकाईयों की ब्याज-मुक्त ऋण योजना, जनपद औरैया में प्लास्टिक सिटी परियोजना का कार्यान्वयन तथा उद्योगों की स्थापना, कौशल विकास मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समाजवादी पेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, चक गंजरिया फार्म की भूमि पर सी0जी0 सिटी तथा अन्य योजनाओं, लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना, राजस्व न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण एवं प्रत्येक जनपद में विभिन्न स्थानों पर हरित पट्टी के विकास हेतु वृक्षारोपण आदि को एजेण्डे में सम्मिलित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के समय में राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ा है तथा जनता को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में निर्धारित एजेण्डों में गम्भीरता से कार्यवाही करने के उत्साहवर्धक परिणाम मिले हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने लखनऊ में मेट्रो रेल की स्थापना का निर्णय लिया और इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। तीव्रगामी सड़क परिवहन की आवश्यकता के मद्देनजर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भी कार्य तेजी से शुरु हो चुका है। जिला मुख्यालयों को चार लेन से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार ने पारदर्शी तरीके से ऐसी योजनाएं बनाई हैं, जिनका बड़े पैमाने पर लाभ समाज के कमजोर वर्गों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, बच्चों, नौजवानों और किसानों को प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने उत्तर प्रदेश के विकास एजेण्डा वर्ष 2015-16 का प्रस्तुतिकरण करते हुए इसकी खास बातों की जानकारी दी। 

Lucknow, Uttar Pradesh, India