भ्रष्टाचार खत्म करने के प्रति मोदी गंभीर नहीं: अन्ना हजारे

भ्रष्टाचार खत्म करने के प्रति मोदी गंभीर नहीं: अन्ना हजारे

रालेगण सिद्धि: देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के जनक समाजसेवी अन्ना हजारे कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार खत्म करने के प्रति गंभीर नही लगते। उन्होंने यह भी कहा है कि वह नए आंदोलन के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह अकेले ही काफी हैं, और उन्हें आंदोलन के लिए किसी टीम की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि जनता उनके साथ है।

लोकपाल को लेकर अन्ना हजारे ने कहा, "कानून के हिसाब से 365 दिन के भीतर लोकपाल नियुक्त हो जाना चाहिए, लेकिन 365 दिन पूरे होने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई... अगर अभी एक लोकपाल पर भी अमल हो जाता, तो भ्रष्टाचार 50 फीसदी खत्म हो जाता..."

अन्ना ने कहा, "(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में हम साथ देंगे, लेकिन आज आठ महीने हो गए हैं, कहां है वह लड़ाई...?" उन्होंने कहा, "हमने पहले सोचा था कि नई सरकार को समय देना चाहिए, और इस वक्त आंदोलन करना ठीक नहीं, लेकिन वादे पूरे नहीं हो रहे हैं, इसलिए हम फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं..."

वैसे, अन्ना हजारे पूरी बातचीत में आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और दिल्ली चुनाव में बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे, और सवालों पर कहा, "देश में हजारों सवाल हैं... बार-बार वही किरण, वही केजरीवाल... मैं अरविंद या किरण बेदी के बारे में कुछ बोलना नहीं चाहता..."

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