काशी की धरती बहुत विशिष्ट, मुख्यमंत्री योगी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के त्र्यम्बक भवन में आयोजित षष्ठ पीठाधीश्वर सतुआ बाबा यमुनाचार्य महाराज की श्रद्धांजलि सभा व पुण्यतिथि कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित संतों, विद्वतजनों और बटुकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि षष्ठम सतुआ बाबा लोक कल्याणकारी और धार्मिक जागरण कार्यक्रमों के ध्वजवाहक रहे। संतों का पूरा जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित होता है। मानवता, जीवमात्र और चराचर जगत के कल्याण के लिए समर्पित संतों की यही परंपरा उन्हें शेष समाज से अलग करती है। सतुआ बाबा की परंपरा संत समाज की विशिष्ट परंपरा है। षष्ठम पूज्य स्वामी यमुनाचार्य महाराज सतुआ बाबा का प्रादुर्भाव काशी में हुआ और उन्होंने लोक कल्याण के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी भी व्यक्तित्व की पहचान उसके कृतित्व के आधार पर बनती है। काशी की धरती बहुत विशिष्ट है। इस भूमि को बाबा विश्वनाथ की कृपा, काल भैरव का संरक्षण और मां गंगा का आशीर्वाद मिला है। यहां जो जिस भाव से आया उसे उस भाव की प्राप्ति हुई। काशी में दिये गये भगवान बुद्ध के ज्ञान और उपदेश को पूरी दुनिया में अमरता प्राप्त हुई। जो भी काशी आया उसे एक नई उंचाई मिली। ऐसे ही पूज्य संतों की विशिष्ट परंपरा में सतुआ बाबा भी थे। मुख्यमंत्री ने सप्तम सतुआ बाबा महंत संतोष दास की इस बात के लिए सराहना की कि वे अपने गुरुदेव षष्ठम सतुआ बाबा के गौ सेवा, संस्कृति और लोक कल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान संतोष दास सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री सहित मंच पर उपस्थित सभी मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों का अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के पश्चात संतोष दास सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री जी को गणेश जी की प्रतिमा भेंट की।