मुंबई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि फिल्म उद्योग को मुंबई से बाहर ले जाने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि हालांकि यह खुली प्रतिस्पर्धा है और जो प्रतिभा को उभरने के लिए सही माहौल और सुरक्षा दे सकेगा, उसे निवेश मिलेगा। योगी की मुंबई यात्रा से पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि फिल्म सिटी को मुंबई से छीन कर उत्तर प्रदेश ले जाने की साजिश रची जा रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी कहा था कि किसी को फिल्मोद्योग को “जबरन” यहां से ले जाने नहीं दिया जाएगा।

आदित्यनाथ ने कहा, “हम किसी का निवेश नहीं छीन रहे हैं।” उन्होंने कहा, “कोई अपने साथ कुछ नहीं ले जा सकता। यह कोई पर्स नहीं है जिसे ले जाया सकता है। यह खुली प्रतिस्पर्धा है। जो सुरक्षित माहौल, बेहतर सुविधाएं और विशेष रूप से सामाजिक सुरक्षा दे सकेगा, उसे निवेश प्राप्त होगा।”

शिवसेना सांसद संजय राउत के बयान का जवाब देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “हम यहां से कुछ लेकर जाने के लिए नहीं आए हैं। हम कुछ नया निर्माण कर रहे हैं। आप क्यों चिंतित हो रहे हैं? हम सभी को विश्व स्तरीय अवसंरचना दे रहे हैं। इसलिए सभी को ऊपर उठकर सोचना चाहिए, सोच का दायरा बढ़ाना चाहिए और बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए। जो यह कर सकेगा उसे लोग मिलेंगे।”

आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने निर्देशकों, निर्माताओं और अभिनेताओं समेत बॉलीवुड के विशेषज्ञों से मुलाकात की और उनसे नोएडा में बनने वाली फिल्म सिटी पर चर्चा की। आदित्यनाथ ने अपने मुंबई दौरे में पिछले दो दिन में अक्षय कुमार, बोनी कपूर, सुभाष घई, मनमोहन शेट्टी और आनंद पंडित से मुलाकात की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा फिल्म सिटी, जेवर हवाई अड्डे से छह किलोमीटर दूर स्थित होगी और दिल्ली, आगरा और मथुरा से भी जुड़ी होगी। राउत ने कहा था कि मुंबई की फिल्म सिटी को कहीं और ले जाना आसान नहीं है, हालांकि कुछ लोग इसका प्रयास कर चुके हैं।