लखनऊ:
दिल्ली में तो नया संसद भवन बन गया है, कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है, नयी इमारत बहुत से सवाल भी उठे मगर पुराना संसद भवन अब इतिहास बन चूका है यही सच्चाई है. अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इस मामले में कदम उठा रहे हैं और लखनऊ में दिल्ली में बने नवनिर्मित संसद भवन की तर्ज़ पर नए विधान भवन बनाने की योजना पर विचार चल रहा है। जानकारी के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को नए विधानसभा की आधारशिला रखी जा सकती है। नया विधानभवन लोकभावन के पीछे बने दारुल शफ़ा और आस पास के क्षेत्रों को मिलाकर सेंट्रल विस्टा के तर्ज पर निर्मित जायेगा।

नए विधान भवन बनाने के लिए करीब 3 हज़ार करोड़ रुपया की लागत आएगी। वर्ष 2023-24 के बजट में टोकन के तौर पर पचास करोड़ का प्रावधान भी किया जा चुका है। योगी सरकार का लक्ष्य 18वीं विधानसभा का कम से कम एक सत्र का आयोजन नए भवन में हो सके, जिसको लेकर तमाम तैयारियां की जा रही है।

नया विधानसभा कई आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेगा। इसकी बिल्डिंग भूकंप रोधी,इकोफ्रेंडली बनाई जाएगी। नया विधान भवन की डिजाइन बेहदखास होगी और इसे इस तर्ज पर बनाया जाएगा कि पूरे देश में इसकी मिसाल दी जा सके। विधानसभा का विस्तार करने के लिए लोग भवन के पीछे दारुल शफ़ा के पुराने भवन को ढहाया जाएगा और आसपास की जमीनों को शामिल किया जायेगा।