लखनऊ:
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि वादा करो और भूल जाओ, बुनियादी मसलों से ध्यान बटाओ और नए-नए मुद्दे उछालो भाजपा की यही राजनीति और भाजपा का मूल चरित्र है। केन्द्र में 9 साल और उत्तर प्रदेश में 6 साल से सत्तासीन भाजपा की सरकार ने एक भी ऐसा जनहित का काम नहीं किया जिसे वह गिना सके। समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बताकर वह जनता को बहकाने का काम करती है। जनता भाजपा के कुशासन से बुरी तरह त्रस्त है।

भाजपा ने महंगाई और बेरोजगारी खत्म करने का वादा किया था लेकिन आज महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। लोगों के उपयोग की हर चीज महंगी है। नौजवानों का भविष्य अंधेरे में है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन किसानों को फसल की लागत भी नहीं मिली, एमएसपी पर खरीद का सिर्फ नाटक ही होता रहा। बिचौलियों और बड़ी कम्पनियों ने खूब लूट की। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसलों की नुकसान का यह सरकार मुआवजा तक नहीं दे पाई और ना कोई मदद की। जिसके चलते प्रदेश में दर्जनों किसानों ने आत्महत्या कर ली।

31 मार्च 2023 तक आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करने की घोषणा राज्य सरकार ने की लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। गौआश्रय स्थलों में भ्रष्टाचार गायों की जान ले रहा है। आवारा पशु और छुट्टा जानवरों से हर दिन लोगों की मौत हो रही है। यह सरकार न तो किसानों की फसलों की सुरक्षा कर पाई और न ही उनके जान की। जानवरों के हमले में हुई मौतों से किसी को मुआवजा तक नहीं मिला।

एक तरफ गांव में किसान परेशान है तो दूसरी तरफ शहर में व्यापारी और आम जनता भाजपा की नीतियों से परेशान है। भाजपा राज में व्यापारी जीएसटी की प्रताड़ना झेल रहा है। इंस्पेक्टर राज जैसी स्थिति है। व्यापारियों के यहां छापे पड़ रहे हैं। आए दिन उन्हें परेशान किया जा रहा है। सच तो यह है कि भाजपा राज में जनसामान्य का जीना मुश्किल हो गया है। भूख, भय और भ्रष्टाचार भाजपा राज के अनिवार्य अंग हो चले हैं।

जनता देख रही है कि भाजपा चुनाव में अपनी आसन्न हार को देखकर अपनी षड़यंत्रकारी चालों के जरिए लोगों का ध्यान भटका कर एक बार फिर मतदाताओं को भ्रमित करना चाहती है। लेकिन इस बार प्रदेश की जनता सतर्क और सावधान है, वह भाजपा के हर षड़यंत्र का करारा जवाब देगी। नगर निकाय चुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ होना तय है।