असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को प्रकाशित कर दी गई, जिसमें मसौदा सूची में शामिल 2.43 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अन्य नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें राज्य में चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती दी गई
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन यानी SIR को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. यूपी में कल यानी 31 दिसंबर को एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होनी थी. मगर इसमें
(आलेख : राजेंद्र शर्मा) आखिरकार, मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण या सर के नाम पर, थोक में लोगों के मताधिकार की चोरी की आंच, खुद सत्ताधारी संघ-भाजपा परिवार के घर तक
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर में SIR की घोषणा की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 12 राज्यों में मतदाता सूची के
भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को विधानसभा चुनावों से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद बिहार की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय
स्क्रॉल द्वारा विश्लेषित चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रकाशित बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए नामों में सबसे ज़्यादा मुस्लिम
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों से मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक