सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड cGMP के अनुरूप कारोबार करने वाली कंपनी है, जिसका API निर्माण में ट्रैक-रिकॉर्ड बेहद दमदार रहा है, और यह एंटी-हिस्टामाइन, एंटी-एलर्जिक, विटामिन, एनेस्थेटिक और एंटी-अस्थमेटिक सहित चिकित्सा के अलग-अलग खंडों के लिए प्रोडक्ट्स तैयार करने पर विशेष ध्यान देती है। कंपनी ने आज वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के लिए बिना ऑडिट वाले वित्तीय विवरण जारी किए हैं। कंपनी का कारोबार दुनिया भर में 120 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में, सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड के रेवेन्यू में साल-दर-साल 11.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह वित्त-वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 185.65 करोड़ रुपये की तुलना में 206.44 करोड़ रुपये हो गई।

वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में EBITDA 72.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें EBITDA मार्जिन 34.9% रहा, जबकि इसकी तुलना में वित्त-वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में EBITDA 65.96 करोड़ रुपये था, जिसमें EBITDA मार्जिन 35.5% था।

वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कर अदायगी के बाद लाभ 49.68 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त-वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 46.78 करोड़ रुपये था।
वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान PAT मार्जिन 24.1% रहा, जो इसकी तुलना में वित्त-वर्ष 25 की तीसरी तिमाही के दौरान 25.2% था।

वित्त-वर्ष 26 के शुरुआती 9 महीने में एनेस्थेटिक सेगमेंट ने रेवेन्यू बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाई, जिसका योगदान वित्त-वर्ष 25 के शुरुआती 9 महीने में 48% के मुकाबले बढ़कर 54% हो गया। इस अवधि के दौरान विटामिन सेगमेंट में भी सुधार देखा गया, और इसका योगदान 11% से बढ़कर 12% हो गया।
मौजूदा प्रगति लैटिन अमेरिका के बाज़ार की वजह से हुई है। लैटिन अमेरिकी बाजारों का योगदान 21% से बढ़कर 24% हो गया, जबकि वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान अलग-अलग व्यवसायों में उत्तरी अमेरिका की हिस्सेदारी पिछली दो तिमाहियों में 3% से बढ़कर 6% हो गई। हालांकि, यूरोप कंपनी के लिए सबसे बड़ा बाज़ार बना हुआ है, जिसने वित्त-वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान बिज़नेस रेवेन्यू में 36% का योगदान दिया, और इसके बाद 32% की हिस्सेदारी के साथ एशिया का स्थान आता है।

उत्पादन क्षमता के उपयोग में काफ़ी सुधार हुआ, जो वित्त-वर्ष 25 में 70% की तुलना में वित्त-वर्ष 26 की शुरुआती 9 महीनों में बढ़कर 76% हो गया। आने वाले समय में अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट को आगे बढ़ाने में सहायता करने के लिए, कंपनी ने अपनी मौजूदा विनिर्माण सुविधाओं के पास तीन अलग-अलग भूखंड खरीदे हैं, जो उसकी आगे बढ़ने की बड़ी योजनाओं को और मज़बूत करती हैं।

सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्णकालिक निदेशक, डॉ. सतीश वाघ ने मौजूदा परिणामों के बारे में अपनी राय जाहिर करते हुए कहा, “इस तिमाही में हमारे प्रदर्शन से लगातार काम पूरा करने की क्षमता और लगातार हो रहे मुनाफे की झलक मिलती है, जिसे दुनिया भर के बड़े बाज़ारों में लगातार मांग से मदद मिली है। हमारे कारोबार में निर्यात का योगदान ज्यादा बना हुआ है, और तीसरी तिमाही के दौरान रेवेन्यू में उसकी हिस्सेदारी लगभग 82% थी, और हमारे विभिन्न व्यवसाय में यूरोप की भागीदारी सबसे अहम है। वित्त-वर्ष 26 की शुरुआती 9 महीनों में उत्पादन क्षमता के उपयोग में काफ़ी सुधार हुआ, जो बढ़कर लगभग 76% हो गया। इसमें हमारी लोटे परशुराम फैसिलिटी में मॉड्यूल ई के चालू होने से मदद मिली, जिससे कामकाजी क्षमता में सुधार के साथ-साथ आपूर्ति पर भरोसा भी बढ़ा है। हम वित्त-वर्ष 26 की चौथी तिमाही में अपनी अंबरनाथ फॉर्मूलेशन फैसिलिटी को व्यावसायिक तौर पर शुरू करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, हम बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए प्रोडक्ट को लॉन्च करके विनियमित बाजारों में अपनी मौजूदगी को और मजबूत कर रहे हैं, साथ ही हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में दमदार प्रगति देखने को मिलेगी।”