लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बड़ी बात कही है. राहुल ने कहा कि जो सांसद पीएम पर हमला करना चाहते थे उन पर एफआईआर कराएं. बता दें कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी इसलिए उन्होंने उन्हें सदन में आने से मना किया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सच का सामना नहीं करना चाहते. वो मेरे बोलने से डर रहे हैं. प्रधानमंत्री को सांसदों से डर नहीं, जो मैं बोलता उससे डर है.

उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से डरती है. सरकार ने मुझे सदन में बोलने नहीं दिया. पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि मैं उस पर बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन को रोका, उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया, ऐसा 3-4 बार हुआ.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि किताब प्रकाशित हो चुकी है और हमें उसकी एक कॉपी भी मिली है. यह एक बड़ा मुद्दा है, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष और पूरे विपक्ष को बोलने नहीं देना, दूसरा मुद्दा यह है कि एक सदस्य कई किताबों का हवाला दे रहे थे और बहुत गंदी बातें बोल रहे थे और उन्हें कुछ नहीं कहा गया.

तीसरा मुद्दा हमारे सदस्यों का सस्पेंशन है. आखिरी मुद्दा यह है कि यह बात फैलाई जा रही है कि सदस्य प्रधानमंत्री को खतरा पहुंचाने वाले थे, ऐसा कोई सवाल ही नहीं है. प्रधानमंत्री सदन में आने से डरे हुए थे, सदस्यों की वजह से नहीं बल्कि मेरी बातों की वजह से और वे अभी भी डरे हुए हैं क्योंकि वे सच का सामना नहीं कर सकते.

दरअसल, बुधवार की शाम पांच 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सदन में जबरदस्त हंगामा किया. उन्होंने बीजेपी सांसदों की कुर्सियां घेर लीं. साथ में पीएम मोदी की भी. महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे. इस हंगामे के चलते सदन का कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसकी कारण पीएम मोदी का होने वाला भाषण को भी टाल दिया गया. इस घटना पर लोकसभा स्पीकर ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इससे पहले संसद में ऐसा कभी नहीं हुआ था.