ओएमसी पावर ने होंडा के साथ की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप
भारत का पहला ईवी रीपर्पज्ड बैटरी-यूपीएस सॉल्यूशन किया शुरू
लखनऊ:
ओएमसी पावर ने आज भारत में नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित एक नया यूपीएस समाधान शुरू किया है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन की पुरानी बैटरियों का दोबारा इस्तेमाल किया गया है, ताकि बिजली को सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जा सके। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक अहम कदम है। उत्तर प्रदेश के हरदोई में शुरू हुई यह परियोजना वितरित ऊर्जा समाधान क्षेत्र में होंडा के निवेश को जमीन पर उतारने का पहला उदाहरण भी है।
ओएमसी पावर (OMC Power) ने आज भारत के पहले ‘डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी-आधारित यूपीएस’ (distributed renewable energy–based UPS) समाधानों में से एक को सफलतापूर्वक शुरू किया । इस प्रोजेक्ट में पुरानी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों को स्टेशनरी स्टोरेज के लिए दोबारा इस्तेमाल (repurpose) किया गया है, जो देश की स्वच्छ ऊर्जा, बिजली स्थिरता और ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ के सफर में एक बड़ा मील का पत्थर है। उत्तर प्रदेश के हरदोई में शुरू हुई यह परियोजना वितरित ऊर्जा समाधान क्षेत्र में होंडा के निवेश को जमीन पर उतारने का पहला उदाहरण भी है।
यह समाधान खास तौर पर उन इलाकों के लिए बनाया गया है जहाँ नियमित और भरोसेमंद ग्रिड बिजली मिलना मुश्किल होता है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और उन्नत बैटरी भंडारण को मिलाकर बिना रुकावट और कम प्रदूषण वाली बिजली दी जाती है। इस परियोजना में इलेक्ट्रिक दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों में पहले इस्तेमाल हो चुकी ईवी बैटरियों को दोबारा उपयोग में लाया गया है। इससे बैटरियों की उम्र बढ़ती है और दूर-दराज़ क्षेत्रों में अंतिम छोर तक बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति से जुड़ी समस्या का समाधान होता है।
ओएमसी पावर (OMC Power) के को-फाउंडर और सीईओ रोहित चंद्रा ने कहा, “हरदोई में इस परियोजना की शुरुआत पायलट से बड़े स्तर पर विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के लिए एक डिस्ट्रीब्यूटेड यूपीएस समाधान है, जो भरोसेमंद और लगातार बिजली उपलब्ध कराता है। ईवी बैटरियों को दोबारा उपयोग में लाकर हम ऐसा ऊर्जा मॉडल तैयार कर रहे हैं जिसे टेलीकॉम, स्वास्थ्य केंद्र, एमएसएमई और उन क्षेत्रों में तेजी से लागू किया जा सकता है, जहाँ भरोसेमंद बिजली की जरूरत है। यह हमारी 1 GWp विकेंद्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा की योजना को आगे बढ़ाने में मदद करता है।”










