लखनऊ:
नैक की स्टैन्डिग कॉन्सिल बैठक में फाइनल ग्रेड का एलान किया गया जिसके बाद शिया पी. जी. कालेज द्वारा नैक की यात्रा और भविष्य की कार्य योजना को साक्षा करने के लिए बुलाई गई पत्रकार वार्ता में कॉलेज प्राचार्य, प्रो0 शबीहे रज़ा बाक़री तथा IQAC कोआर्डिनेटर ने पत्रकार वार्ता में बोलते हुए इस बात को साक्षा किया। पत्रकार वार्ता में इनके साथ साथ फाइनान्स ऑफिसर डॉ0 मिर्ज़ा मोहम्मद एजाज़ अब्बास, SCDRC डायरेक्टर भी मौजूद थे।

प्राचार्य, प्रो0 बाकरी ने बताया कि महाविद्यालय द्वारा पिछले वर्ष दिसम्बर में आईक्यूएसी सब्मिट करने के बाद से ही तैयारियां चल रही थीं बीते 19 व 20 अक्टूबर, 2022 को नैक पियर टीम ने महाविद्यालय आकर विज़िट की और महाविद्यालय के अन्दर सभी सुविधाओं का भौतिक रूप से मूल्यांकन किया। एक्जिट मीट में पियर टीम के चेयरमैन प्रो0 कमल के. मिश्रा ने दो दिवसीय दौरे का अनुभव को साक्षा किया और कहा कि इस बदलते दौर में शिक्षा के क्षेत्र में शिया पी. जी. कालेज ने काफी सराहनीय काम किया है। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है आने वाले समय में यह महाविद्यालय शिक्षा जगत के शिखर पर जायेगा। इनके साथ गुजरात नेशनल लॉ विश्वविद्यालय गांधीनगर के निदेशक, प्रो0 संजीवी संथाकुमार, मेम्बर कोआर्डिनेटर व एमईएम अबासाहेब गरवारे महाविद्यालय, पूणे के प्राचार्य, प्रो. पंधारीनाथ बुचाडे़ टीम में सदस्य के रूम में शामिल थे। उनका यह सम्बोधन हमारी सफलता की कहानी को बयां करता है।

पत्रकार वार्ता में बोलते आईक्यूएसी कोऑडिनेटर डॉ0 मिर्जा मोहम्मद अबु तय्यब ने कहा कि आज का दिन शिया कालेज की तारीख़ का यादगार दिन है। 103 साल पहले जिन बुर्जुगों ने जिस सोच के साथ कालेज की बुनियाद रखी थी आज कालेज उनके सपनों को साकार करने की दिशा में और आगे बढ़ा है इसके साथ ही इन सपनों को साकार करने की दिशा स्व0 मौलाना मिर्ज़ा मोहम्मद अतहर साहब ने दी और मौजूदा वक्त में मौलाना यासूब अब्बास, प्रो0 अज़ीज़ हैदर, सैयद अब्बास मुर्तुज़ा शम्सी और सभी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के सदस्यों, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने आगे बताया कि नैक पियर टीम ने महाविद्यालय के अन्दर विभिन्न विभागों का भ्रमण किया तथा महाविद्यालय में मौजूद सभी सुविधाओं का जाएज़ा लिया। स्मार्ट क्लास, आइसीटी टूल्स, वाटर हार्वेस्टिंग, ई-गर्वनेन्स, सोलर व सेन्सर लाइट, खेलकूद व सांस्कृतिक आयोजनों की सुविधाओं का जाएज़ा लिया। पियर टीम ने छात्रों, एलयूमीनी, पेरेन्टस से भी अलग-अलग मुलाकात कर कालेज के बारे में जानकारी एकत्र की।

डॉ0 तैयब ने बताया कि महाविद्यालय ने क्राईटेरिया 01 में 3.4 क्राईटेरिया 02 में 2.93 क्राईटेरिया 03 में 3.08 क्राईटेरिया 04 में 3.51 क्राईटेरिया 05 में 2.83 क्राईटेरिया 06 में 2.92 क्राईटेरिया 07 में 3.37 कुल 3.09 अंक पाकर “A” ग्रेड प्राप्त किया। डॉ0 तैयब ने कहा कि हमे उम्मीद थी कि हमको “A+” मिलेगा जिसके लिए विशेष योजना बना कर काम किया गया था हम आईक्यूएसी की बैठक बुलाकर अध्ययन करेगे कि हमारे प्रयास में कहां कमी रह गई और आने वाले दिनो में उसको कैसे सुधारा जाए। इस सम्बन्ध में महाविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धी यह है कि नैक द्वारा निर्धारित स्टूडेन्ट सैटिसफैक्शन सर्वे SSS में 240 में से 220 अंक (91.66 प्रतिशत) अंक प्राप्त किये जो महाविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच घनिष्ठ रिश्ते को प्रर्दशित करता है।
डॉ0 तैयब ने कहा कि हम शिया पी. जी. कालेज के विकास की इस यात्रा को यहां रूकने नहीं देंगे और इसको आगे बढ़ाते हुए नई नई मंज़िलों तक पहुचाने का काम करेगे। आईक्यूएसी और कालेज प्रबन्ध समिति इस बारे में विस्तृत योजना बनाएगी लेकिन तात्कालिक रूप से उन्होने भविष्य की कुछ योजनाए भी साझा की।

  1. महाविद्यालय के स्तर पर शोध, रिसर्च प्रोजेक्ट, कन्सन्लटेन्सी सम्बन्धि कार्यो को बढ़ावा देना।
  2. छात्रों के प्लेस्मेंट के लिए और बेहतर प्रयास, विभिन्न संस्थानों के साथ एमओयू के माध्यम से छात्रों के लिए रोज़गार के अवसर बनाना।
  3. विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओ में छात्र/छात्राओं के बेहतर प्रर्दशन के लिए निःशुल्क कोचिंग सेन्टर की स्थापना।
  4. फाइनेन्स मैनेजमेन्ट व विभिन्न प्रबन्धकीय उप समितियों छात्रों का प्रतिनिधत्व को बढाना।
  5. महाविद्यालय में निरन्त विकास से प्राप्त की इस गुणवक्ता को आगे बढ़ाने के लिए सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मासिक रिर्पोट तथा वार्षिक अप्रेज़ल सिस्टम लागू किया जाएगा।
  6. ऑउटकम बेस एजूकेशन के प्रतिमानों और मानक के अनुरूप शिया कालेज को विकसित करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है जिसके लिए महाविद्यालय में विशेष कार्ययोजना और उस कार्ययोजना के अनुरूप कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
    महाविद्यालय के अन्दर छुटटी के माहौल में भी गज़ब उत्साह का माहौल था जिसमें सभी शिक्षक व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों आपस में मिल कर एक दूसरे को गले लगा कर मुबारक बाद दे रहे थे। ढोल नगाड़े पटाखों के साथ साथ मिठाई बाटी जा रही थी।