दिल्ली:
केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप को बंद करने के बाद अब अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली ‘पढ़ो परदेश स्कीम’ को भी बंद कर दिया है. विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन पर लगने वाले ब्याज पर सरकार सब्सिडी देती थी.

इंडियन बैंक एसोसिएशन द्वारा पिछले महीने सभी बैंकों को 2022-23 से ‘पढ़ो परदेश ब्याज सब्सिडी योजना’ को बंद करने के बारे में सूचित किया गया था. अब तक यह योजना नामित नोडल बैंक केनरा बैंक के जरिए से चलाई जा रही थी. एसोसिएशन द्वारा बैंकों को दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा गाइडलाइंस का पालन करते हुए पढ़ो परदेश योजना के तहत 31 मार्च, 2022 तक के मौजूदा लाभार्थियों को स्कीम की अवधि खत्म होने तक ब्याज पर सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि योजना को बंद किए जाने को लेकर किसी भी तरह की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. ये बात भी नहीं बताई गई है कि योजना को क्यों बंद किया गया. अभी तक मंत्रालय की तरफ से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इससे पहले, 11 दिसंबर, 2022 को केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि MANF Scheme को बंद किया जा रहा है. सरकार ने कहा था कि ये फेलोशिप हायर एजुकेशन के लिए सरकार द्वारा लागू की गई विभिन्न अन्य फैलोशिप योजनाओं के साथ ओवरलैप कर रही है.