अवादा ग्रुप का राष्ट्रव्यापी अभियान: ‘अवादा भारत उदय यात्रा’
जी हाँ बॉलीवुड के महानायक ने जो सवाल उठाया है वो अपने आप में काफी गंभीर है, इस सवाल की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब देश के प्रधानमंत्री द्वारा ऊर्जा की खपत कम करने की अपील की जाती है क्योंकि दुनिया भर में इस समय ऊर्जा संकट गहराया हुआ है ऐसे में हमें वैकल्पिक ऊर्जा की तरफ आगे बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. भले ही ऊर्जा संकट आज गहराया है लेकिन वैकल्पिक ऊर्जा की तरफ कदम पहले ही बढ़ाये जा चुके हैं, इस राह में स्वच्छ ऊर्जा बनाने वाली कंपनी, अवादा ग्रुप ने हाल ही में अपने महत्वाकांक्षी राष्ट्रव्यापी आंदोलन ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ की शुरुआत की है। जिसका उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल ऊर्जा के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी देना है।
अवादा ग्रुप सोलर, विंड और बैटरी के तालमेल से ऐसी बिजली का उत्पादन करती है जो कभी खत्म नहीं होती और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचाती। नोएडा से शुरू हुई ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ का पहला पड़ाव आज लखनऊ में था, यहाँ से यह यात्रा देश के राज्यों में जाएगी। इस मौके पर स्वच्छ ऊर्जा विकास के लिए कंपनी की योजनाओं को साझा करते हुए, अवादा एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर नायर ने कहा कि दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई में आ रही रुकावटों और देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, प्राकृतिक ऊर्जा को अपनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। आज की दुनिया में ऊर्जा की सुरक्षा और पर्यावरण का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं।
कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा निर्माण के क्षेत्र में 17.7 GWp का आंकड़ा पार कर लिया है। इसमें 7.2 GWp से अधिक की परिचालन क्षमता और लगभग 10.5 GWp निर्माणाधीन क्षमता शामिल है। जो कंपनी की मजबूत कार्यान्वयन क्षमताओं और विकास की गति को दर्शाता है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2 GWp से अधिक क्षमता जोड़ी है, इससे यह साफ होता है कि कंपनी भारत में साफ बिजली बनाने वाली सबसे बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों में से एक बन गई है। उत्तर प्रदेश के दादरी में उनकी एक बड़ी फैक्ट्री भी है जहां सोलर पैनल बनाए जाते हैं।
श्री नायर ने कहा कि हमने अपने स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो में 17.7 GWp को पार कर लिया है। यह विकास के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता और मजबूत निष्पादन क्षमताओं को दर्शाता है।उत्तर प्रदेश जिसका कि भारत की जीडीपी में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। एक अनुमान के अनुसार, राज्य में वित्त वर्ष 2028 तक कुल 40,191 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता होने की उम्मीद है, जिसमें से 30,003 मेगावाट वर्तमान में चालू है। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए ‘सोलर एंड अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट्स’, ‘कुसुम योजना’, ‘ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम’ जैसी विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2022 के अनुसार, वित्त वर्ष 2028 तक कुल 14 गीगावाट के ‘यूटिलिटी स्केल’ सौर ऊर्जा परियोजनाओं की योजना है।’अवादा भारत उदय यात्रा’ जिसे 8 मई को नोएडा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। इस यात्रा के दौरान दो विशेष रूप से डिजाइन की गई वैन 35 दिनों में 9 राज्यों और 27 शहरों की यात्रा करेंगी। यात्रा के दौरान लोगों को जोड़ने के लिए कई दिलचस्प गतिविधियां की जाएंगी जिनमें नुक्कड़ नाटक, संवाद और डिजिटल शपथ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।










