नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्ट से संरा नाराज़, बुलाई आपात बैठक

नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्ट से संरा नाराज़, बुलाई आपात बैठक

सोल। उत्तर कोरिया ने आज लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्च किया, जिससे नाराज अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की अपील की है। परिषद के राजनयिकों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे (भारतीय समयानुसार रात साढ़े नौ बजे) बैठक होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। वहीं अमरीका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि अमरीकी प्रशासन रॉकेट लॉन्च का पता लगा रहा है और उसका मानना है कि इससे अमरीका और उसके सहयोगी देशों को कोई खतरा नहीं है। एक अमरीकी अधिकारी ने कल कहा कि हम इसकी पुष्टि कर सकते है कि हमने उत्तर कोरिया के रॉकेट लॉन्च का पता लगा लिया है और शुरुआती जांच में यह लगा रहा है इससे अमरीका और उसके सहयोगी देशों को कोई खतरा नहीं है। हम स्थिति का पता लगा रहे है और जल्द ही और जानकारियां देंगे। आपको बता दें कि तानाशाह किम जोंन उन ने इस मिसाइल को अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च नाम दिया है।

आपको बता दें कि नॉर्थ कोरिया के सैटेलाइट लॉन्च करने की घोषणा के बाद एहतियात बरतते हुए जापान ने अपने कई विमानों के मार्ग बदल दिए थे। जापान की दो बड़ी विमान सेवा कंपनी, जापान एअरलाइन और अल-निप्पो ने शुक्रवार को मार्ग परिवर्तन के लिए सूचना जारी की।

उत्तर कोरिया की सैटेलाइट लॉन्च का कई देशों ने विरोध किया था। दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि अगर उसने ऐसा किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जापान के पीएम शिंजो आबे के मुताबिक, उनकी केबिनेट अमरीका और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर जानकारी जुटा रही है और वे इसका कड़ा जवाब देंगे। जबकि चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आशा है कि उण् कोरिया की इस हरकत से चिंता का माहौल नहीं बनेगा।

जापान एअरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि सैटेलाइट लॉन्चिंग के बाद पहले चरण में रॉकेट का मलबा दक्षिण कोरिया और चीन के समुद्री इलाके में गिरेगा। जबकि दूसरे चरण में मलबा फिलीपींस के उत्तरी तट में गिरेगा। जापान इसको लेकर एहतियात बरत रहा ताकि रॉकेट का मलबा विमान से न टकरा जाए।