सईद अजमल ने हरभजन, अश्विन को बताया चकर

सईद अजमल ने हरभजन, अश्विन को बताया चकर

लाहौर: पाकिस्‍तानी स्पिनर सईद अजमल ने हरभजन और अश्विन को बताया चकरसंदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण अपने इंटरनेशनल करियर पर लगाम लगने से निराश पाकिस्तानी ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने अपनी कुंठा अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पर निकाली है। अजमल ने कहा, 'मैं नाम नहीं लेना चाहता लेकिन ऐसे गेंदबाज हैं जो नए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन उन पर किसी का ध्यान नहीं है। उन्‍होंने कहा कि वे हैरान हैं कि किसी को भारतीय ऑफ स्पिनरों हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन के एक्शन में कोई खामी नजर नहीं आती।' उन्‍होंने दावा किया कि भज्‍जी और अश्विन ने अवैध बॉलिंग एक्‍शन से सफलता हासिल की है।

पाकिस्‍तानी चैनल 'दुनिया न्‍यूज' को दिए एक इंटरव्‍यू में अजमल ने कहा कि यदि आईसीसी अपने नए नियमों को कायदे से लागू करना चाहती है तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय सभी गेंदबाजों की जांच करनी चाहिए। 'जियो सुपर चैनल' से चर्चा में उन्‍होंने कहा, 'सिर्फ आफ स्पिनरों को ही निशाना क्‍यों बनाया जाता है। बाएं हाथ के स्पिनरों, लेग स्पिनरों या तेज गेंदबाजों को क्‍यों नहीं? मैं कई बार इस गेंदबाजी समीक्षा प्रक्रिया से गुजरा हूं और काफी करीब से इस मसले को देखा है। मैं दावे से कह सकता हूं कि यदि टेस्ट कराए जाएं तो कई ऐसे गेंदबाज हैं जिनकी कोहनी 15 डिग्री की सीमा से अधिक मुड़ती है। आईसीसी के नियम बेतुके हैं और ऑफ स्पिन गेंदबाजी को खत्म कर देंगे।'

उन्होंने कहा,' यदि हरभजन के गेंदबाजी एक्शन की जांच कराई जाए तो मैं कह सकता हूं कि वह 15 डिग्री की सीमा से अधिक कोहनी मोड़ता है।' अजमल ने कहा, 'कई बार मुझे यह बेतुका लगता है। उन्होंने 2009 में मेडिकल आधार पर मेरे एक्शन को क्लीन चिट दी और छह साल बाद फिर उन्हें मेरा एक्शन अवैध लगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे यह काफी अजीब लगता है कि बिलाल आसिफ ने अपने पहले दो वनडे खेले और विकेट नहीं लिया तो किसी ने उसके एक्शन की शिकायत नहीं की  जैसे ही उसने पांच विकेट लिये, उसके एक्शन की अंपायरों ने शिकायत कर दी। उन्हें सिर्फ दो गेंद में खामी नजर आ गई । यह हास्यास्पद है।'

पाकिस्तानी टीम से बाहर चल रहे अजमल ने कहा कि उन्हें लगता है कि पाकिस्तानी गेंदबाजों को ज्यादा निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा, 'वर्ल्‍ड कप से पहले मुझे और हफीज को बाहर कर दिया गया था। मैं आईसीसी से बात करके मेडिकल आधार पर उसके नये नियमों को चुनौती देना चाहता हूं। मैं जब 13-14 बरस का था तब से ही मेरे दाहिने हाथ की कलाई और कोहनी में दिक्कत है और मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। इसे ध्यान में रखकर भी मुझे एक्शन बदलने के लिये कहना अनुचित है।'