ऐक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़ा

ऐक्सिस बैंक का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़ा

ऐक्सिस बैंक लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 27 अक्टूबर को मुंबई में हुई बैठक में 30 सितंबर 2015 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दे दी। 

30 सितंबर को समाप्त तिमाही एवं छमाही में मुख्य राजस्व में विकास के लिहाज से बैंक ने स्वस्थ प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुख्य परिचालन राजस्व वार्षिक आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 5,936 करोड़ रूपये रहा और पहली छमाही में राजस्व में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 11,644 करोड़ रूपये पहुंच गया। चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का मुख्य परिचालन लाभ वार्षिक आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 3,460 करोड़ रूपये पहुंच गया और वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में 26 प्रतिशत बढ़कर 6,906 करोड़ रूपये रहा। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के दौरान शुद्ध लाभ वर्ष दर वर्ष 19 प्रतिशत की बढ़त के साथ क्रमशः 1,916 करोड़ रूपये और 3,894 करोड़ रूपये रहा।

वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) वर्ष दर वर्ष 15 प्रतिशत बढ़कर 4,062 करोड़ रुपये पहुंच गई। वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में एनआईआई 3,525 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.85 प्रतिशत दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 8,118 करोड़ रूपये पहुंच गया जबकि वित्त वर्ष 2015 की समान अवधि में यह 6,835 करोड़ रूपये था।

अन्य आय (जिसमें फीस, कारोबारी मुनाफा और अन्य कई आमदनी शामिल होती है) वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही के 1,948 करोड़ रूपये की तुलना में वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,041 करोड़ रूपये रही। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में अन्य आय वार्षिक आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 4,340 करोड़ रूपये दर्ज की गई। तिमाही के दौरान, फीस आय 14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,813 करोड़ रूपये पहुंच गई। बैंक की फीस आय में मुख्य योगदानकर्ताओं में खुदरा बैंकिंग थी जिसमें 19 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया और कुल फीस आय में इसका 19 प्रतिशत का योगदान रहा। ट्रेजरी एवं डीसीएम फीस प्रदर्शन शानदार रहा और वर्ष दर वर्ष इसमें 47 प्रतिशत का उछाल आया और बैंक की कुल फीस आय में 10 प्रतिशत का योगदान दिया। वित्त वर्ष 2016 की पहली छमाही में फीस आय 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई जोकि रिटेल फीस में 18 प्रतिशत और ट्रेजरी एवं डीसीएम में 50 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त से संचालित थी।