रमी जमारात के दौरान मक्का में भगदड़, सैकड़ों मौतें

रमी जमारात के दौरान मक्का में भगदड़, सैकड़ों मौतें

1000 घायल, हादसे में नौ भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि

मक्‍का : मक्का के बाहर भगदड़ में 717 लोगों की मौत होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस घटना में 1000 लोग ज़ख़्मी भी हुए हैं। सऊदी अरब के अल-अखबरिया चैनल ने यह जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना पत्‍थर मारने की रस्‍म अदायगी के दौरान हुई। 220 एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया है और घायलों को उपचार के लिए अस्‍पताल ले जाया जा रहा है। 4000 लोग राहत के काम में लगे हुए हैं।

उल्‍लेखनीय है कि सऊदी अरब में आज ईद मनाई जा रही है और करीब बीस लाख लोग सालाना हज यात्रा पर यहां आए हुए हैं। मीना में आज एक लाख से ज्‍यादा भारतीय भी हैं।

पूर्व डिप्लोमेट प्रो. जिक्रुर रहमान ने बताया कि 'जब से सऊदी अरब सरकार ने सहूलियतें बढ़ाई थीं, मक्का में पिछले चार-पांच साल से कोई हादसा नहीं हुआ था। मेरा मानना है कि ऐसे हादसे जल्दबाजी की वजह से होते हैं कि कई लोग हज करने के बाद उसी रास्ते से लौटने की कोशिश करते हैं, ताकि और चलना न पड़े। हालांकि भारत में हज का ओरिएंटेशन प्रोग्राम बहुत बढ़िया है, जहां हर बात की जानकारी तफ्सील से दी जाती है। 35 से 40 लाख लोगों का मैनेजमेंट आसान नहीं है। कई लोग नियमों का पालन नहीं करते, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ होगा।'

मक्‍का में एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले बीते सप्‍ताह भी मक्का की ग्रांड मस्जिद में हुए क्रेन हादसे में 115 लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे में नौ भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी। यह घटना तूफानी हवाओं और भारी बारिश की वजह से विशाल क्रेन का एक हिस्सा गिरने के कारण हुई थी।

मक्का में हज के दौरान कब-कब हुए हादसे

दिसंबर 1975: एक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था जिसमें करीब 200 हज यात्रियों की मौत हुई थी।

2 जुलाई 1990: पैदल चलने के लिए बनी एक टनल में भगदड़ में 1,426 लोगों की मौत हो गई थी। यह हज के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ा हादसा है।

23 मई 1994: शैतान को पत्थर मारने के दौरान 270 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

15 अप्रैल 1997: टेंट में आग लगने से करीब 343 हज यात्रियों की मौत हुई थी जबकि 1500 लोग इस दुर्घटना में घायल हो गए थे। इसके बाद से टेंट फायरप्रूफ बनाए जाने लगे।

9 अप्रैल 1998: जमारात ब्रिज पर भगदड़ में 118 की मौत हो गई थी।

5 जनवरी 2006: अल-गाजा होटल की बहुमंजिला इमारत मक्का के पास ग्रैंड मस्जिद पर गिर गई थी। 2006 में कई हज यात्री इस होटल में ही ठहरे थे। अभी तक इसका पता नहीं चल सका है कि उस समय होटल में कितने हज यात्री ठहरे हुए थे। इस घटना में 76 लोगों के मारे जाने और 64 लोगों के घायल होने की खबर थी।

12 जनवरी 2006: शैतान को पत्थर मारने के दौरान भगदड़ में 360 लोगों की मौत हो गई थी।

दिसंबर 2006: हज यात्रियों को मदीना से मक्का ले जाने वाला कोच दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में 3 लोग मरे जबकि करीब 34 लोग घायल हुए। घायलो में दो बच्चे भी शामिल थे।

5 मार्च 2001: शैतान को पत्थर मारने के रस्म के दौरान 35 लोगों की मौत हुई थी।

11 फरवरी 2003: शैतान को पत्थर मारने के दौरान 14 जायरिन की मौत हो गई थी।

1 फरवरी 2004: शैतान को पत्थर मारने के दौरान मची भगदड़ में 251 लोगों की मौत हो गई थी।

नवंबर 2011: दो श्रद्धालुओं की कोच में आग लगने से मौत हो गई थी। दोनों पति-पत्नी थे।

11 सितंबर 2015: मक्का की मशहूर ग्रैंड मस्जिद पर एक बड़ी क्रेन के गिर जाने से कम से कम 107 लोगों की मौत हो गई और 238 घायल हो गए।