कोलंबो में भारत ने श्रीलंका को 278 रनों से धोया

कोलंबो में भारत ने श्रीलंका को 278 रनों से धोया

कोलंबो। भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के आखिरी दिन भारतीय टीम ने श्रीलंका को दूसरी पारी में 134 रन पर समेटते हुए मेजबान टीम पर 278 रनों से जीत हासिल की। अश्विन ने जबरदस्त खेल का परिचय देते हुए मैच में 7 विकेट लिए। हालांकि, जब भारत को एक विकेट की दरकार थी तभी तेज बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। लेकिन दोबारा लंच के बाद मैच शुरू होने पर उमेश यादव ने आखिरी विकेट लेकर मैच भारत के नाम कर दिया।

आज भारत की शुरुआत अच्छी रही और उसे पहली बड़ी सफलता एंजेलो मैथ्यूज के विकेट के रूप में मिली जो उमेश यादव की गेंद पर 23 रन बनाकर आउट हो गए। मैथ्यूज के बाद दिनेश चंडीमल बल्लेबाजी करने उतरे। लेकिन चंडीमल भी महज 15 रन बनाकर आउट हो गए। चंडीमल को अमित मिश्रा ने बोल्ड किया। इसके बाद लाहिरू थिरिमाने को आर अश्विन ने 11 रन पर पवेलियन भेज दिया। जेहान मुबारक और धम्मिका प्रसाद बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अश्विन ने विकेट पर खूंटा गाड़े बैठे करुणारत्ने को 46 रन पर आउट किया।

मैच के चौथे दिन रविवार को श्रीलंकाई टीम ने चौथी पारी में मिले 413 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो विकेट पर 72 रन बना लिए थे। दिन का खेल खत्म होने तक कप्तान एंजेलो मैथ्यूज 23 और दिमुथ करुणारत्ने 25 रन बनाकर नाबाद लौटे।

श्रीलंका के दोनों विकेट रविचंद्रन अश्विन ने चटकाए। कौशल सिल्वा (1) आठ रन के कुल योग पर स्टुअर्ट बिन्नी को कैच थमा बैठे। करियर की आखिरी पारी में श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा (25) अपनी विदाई को यादगार नहीं बना सके और मुरल विजय के हाथों लपके गए। संगकारा जब अपनी विदाई पारी खेलने उतरे तो भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।

इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम ने आठ विकेट पर 325 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और श्रीलंका के सामने चौथी पारी में 413 रनों का लक्ष्य रखा।

भारत के लिए दूसरी पारी में अजिंक्य रहाणे (126) ने शतकीय पारी खेली, जबकि मुरली विजय (82) ने भी अहम योगदान दिया। शनिवार को नाबाद लौटे रहाणे और मुरली ने रविवार को सधे अंदाज में पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 140 रनों की मजबूत साझेदारी कर डाली। थारिंदू कौशल ने मुरली को पगबाधा कर इस साझेदारी पर विराम लगाई। मुरली ने 133 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए।

रहाणे हालांकि एक छोर संभालकर खड़े रहे और कप्तान विराट कोहली (10) के साथ 28 रनों की और रोहित शर्मा (34) के साथ 85 रनों की साझेदारियां कीं। रविवार को भारतीय टीम ने पहले सत्र में मुरली और कोहली के दो विकेट गंवाए।

पहली पारी में 79 रनों की उम्दा पारी खेलने वाले रोहित लंबी साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दूसरा सत्र लगभग पूरा बिताने के बाद आखिर में वह कौशल की गेंद जेहान मुबारक की ओर उछाल बैठे। इसके बाद भारत के तीन विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए। रहाणे करियर का चौथा शतक लगाने के बाद कौशल के चौथे शिकार हुए। रहाणे ने 243 गेंदों की अपने धैर्यभरी पारी में 10 चौके लगाए। करियर का सातवां मैच खेल रहे तथा पहली पारी में 56 रनों की पारी खेलने वाले रिद्धिमान साहा 13 रन बनाकर नाबाद लौटे।

दूसरी पारी में श्रीलंका के लिए कौशल के अलावा धम्मिका प्रसाद ने भी चार विकेट चटकाए। कौशल पहली पारी में एक भी विकेट नहीं ले पाए थे, जबकि प्रसाद को दो विकेट मिले थे। पहली पारी में रंगना हेराथ ने सर्वाधिक चार विकेट चटकाए थे।

भारत ने पहली पारी में लोकेश राहुल (108), कोहली (78), रोहित और साहा की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 393 रन बनाए थे, जिसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 306 रनों पर सिमट गई थी।

श्रीलंका के लिए पहली पारी में कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (102) ने शतकीय योगदान दिया था, जबकि कौशल सिल्वा (51) और लाहिरू थिरिमान्ने (62) ने अर्धशतक लगाए। श्रीलंका की पारी समेटने में चार विकेट लेकर अमित मिश्रा ने अहम योगदान दिया था। मिश्रा के अलावा इशांत शर्मा और रविचंद्रन अश्विन ने दो-दो विकेट हासिल किए थे। तीन मैचों की श्रृंखला में पहला टेस्ट जीतकर श्रीलंका 1-0 से बढ़त ले चुका है।