रालोद ने राज्यपाल को बताये प्रदेश के हालात

रालोद ने राज्यपाल को बताये प्रदेश के हालात

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल का एक प्रतिनिधि मण्डल गन्ना किसानों की समस्याओं, उ0प्र0 के आयोगो में हो रहे भ्रष्टाचार तथा अन्य ज्वलंत समस्याओं को लेकर राज्यपाल राम नाइक से मिलकर 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपा। 

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश  सरकार द्वारा 22 मई 2015 को चीनी मिल मालिकों को लगभग 500 करोड़ रूपया का ब्याज माफ करके उन्हें राहत प्रदान की गयी परन्तु किसानांे का मय ब्याज के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है और न ही इस पर सरकार द्वारा कोई ध्यान दिया जा रहा है। लोक सेवा आयोग उ0प्र0 में सचिव पद पर वरिष्ठ आई0ए0एस0/पी0सी0एस0 की नियुक्ति होती है परन्तु वर्तमान समय में आयोग के अध्यक्ष डाॅ0 अनिल यादव ने विभागीय व्यक्ति को सचिव पद पर नियुक्त किया गया जो स्वयं भ्रष्टाचार में चौतरफा घिरे हुये हैं। 

प्रतिनिध मण्डल ने आगे अवगत कराते हुये कहा कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अधिकारी को यू0पी0 शुगर फेडरेशन में एम0डी0 के पद पर नियुक्त किया गया जो नियम विरूद्व है तथा गलत तरीके से जाति विशेष  के व्यक्ति की की गयी है जबकि इस पद पर आई0ए0एस0 को ही नियुक्त किया जाता रहा है। उ0प्र0 सहकारी संस्थागत सेवा मण्डल में नियुक्तियों में अनियमितता बरती गयी है, 27 प्रतिषत के आरक्षण के नाम पर पिछड़ो और अतिपिछड़ों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है तथा जाति विशेष को लाभ दिया जा रहा है।

ज्ञापन में आगे अवगत कराया कि पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) का प्रकोप बढ़ने से हजारो दुधमुंहे बच्चे मौत का शिकार हो रहे हैं तथा सरकार द्वारा उनके बचाव हेतु कोई ठोस उपाय नहीं किये जा रहे हैं। वर्तमान सत्र में ग्रामीण अंचलों के छात्र तथा गरीब किसानों के बच्चे दैवीय आपदा से हुयी फसल बर्बादी, बाढ़ सूखा के कहर से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं इसलिए विष्वविद्यालय और महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं ले सके इसलिए प्रवेश  की अन्तिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त किया जाना चाहिए। 

प्रतिनिधि मण्डल में प्रदेष अध्यक्ष मुन्ना सिंह चैहान के अतिरिक्त राष्ट्रीय महासचिव डाॅ0 मसूद अहमद, सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी ओंकार सिंह, प्रदेष महासचिव हाजी वसीम हैदर, प्रदेष सचिव रजनीकांत मिश्र, सदस्य कार्यकारिणी बी0एल0 प्रेमी तथा महिला प्रकोष्ठ मध्य उ0प्र0 की अध्यक्ष रमावती तिवारी मौजूद थी।  

Lucknow, Uttar Pradesh, India