नृत्या संध्या में बरसों रे मेघा पर झूमें दर्शक

नृत्या संध्या में बरसों रे मेघा पर झूमें दर्शक

लखनऊ। नृत्यधाम सांस्कृतिक शिक्षण संस्थान,लखनऊ द्वारा संचालित डेफोडिल डाॅस एकेडमी, द्वारा  नृत्या संध्या का उद्घाटन दीप प्रज्वलित करने के उपरान्त अभिषेक मिश्रा ने कहा कि नृत्य भारतीय सम्भ्यता का प्रतीक है। भारतीय इतिहास में नृत्य बहुत पुरानी विधा है। भारत के सुप्रसिद्ध नृत्यों में भारत नाट्यम सहित कई विधाए विश्व विख्यात है। उन्होंने नृत्य पराम्परा को आगे बढ़ाने के लिए डेफोडिल डाॅस एकेडमी की निदेशक पल्लवी मिश्रा और निशी मिश्रा के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान विधायक गोमती यादव, रविदास मेहरोत्रा ओर श्रीमती जुही सिंह भी मौजूद थी।

 राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह कैंसरबाग में आयोजित इस नृत्या संध्या  की शुरूआत पल्लवी मिश्रा ने पुष्पाजंलि के माध्यम से भारतनाट्यम की प्रस्तुति में आस्था, वंशिका, वैष्णवी, शुभा और खुशी ने प्रस्तुति दी। इसे उपरान्त ‘‘ जय देव जय देव ’’ के माध्यम से गणेशवंदना की प्रस्तुति में आस्था, रिमझिम, वैभवी, आहना,पूर्वी, रूचि दी। ‘‘दशावातर’’ में भगवान शिव के दस अवतारों को प्रदर्शन किया गया। जबकि  ‘‘भो शम्भो’’ में भगवान शिव का वर्णन किया गया। गीत बरसों रे मेघा के माध्यम से हर्षा, पिंकी, नन्दनी ने सफल नृत्य प्रस्तुत किया। दीप्ति वर्मा के ‘‘कजरा मोहबब्त वाले गीत पर श्रोता दर्शक मुग्ध हो गए। संवार लूॅ की प्रस्तति खुशी, वंशिका ,आस्था और दिव्यांशी की प्रस्तुति सराही गई। झूठी झूठी मितवा, लंदन ठुमकवा’’ की प्रस्तुति जहान्वी, अंजली शुभा ने  प्रस्तुति र्दी।

Lucknow, Uttar Pradesh, India