अखिलेश के गढ़ आकर हक़ मांगेगा 'आरटीआई रत्न' गुरु प्रसाद का परिवार

अखिलेश के गढ़ आकर हक़ मांगेगा 'आरटीआई रत्न' गुरु प्रसाद का परिवार

लखनऊ. शाहजहाँपुर के सोशल  मीडिया पत्रकार जागेन्द्र सिंह और बहराइच के .'आरटीआई रत्न' गुरु प्रसाद की निर्मम हत्या की घटनाओं ने पूरे देश को उद्देलित कर दिया  है.  अब यह मुद्दे राष्ट्रीय मुद्दे बन गए हैं. उत्तर प्रदेश ही नहीं दिल्ली समेत अनेकों राज्यों के समाजसेवी इन मामलों में पूर्ण न्याय के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं.

यूपी के बहराइच जिले के हरदीगौरा ग्राम के  आरटीआई कार्यकर्ता  गुरु प्रसाद की निर्मम हत्या से आक्रोशित हुए सूबे के आरटीआई कार्यकर्ताओं ने कल उत्तर  प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हज़रतगंज जीपीओ स्थित गांधी पार्क में  धरना प्रदर्शन किया था  और अखिलेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग को जमकर कोसा था .आरटीआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि अखिलेशराज अब गुंडाराज में परिवर्तित हो चुका  है जिसमें गुरुप्रसाद जैसे लोकतन्त्र-सेनानियों की निर्मम हत्याएं की जा रहीं हैं. आज ऐसा ही प्रदर्शन झारखण्ड में हो रहा है.

गौरतलब है कि हाल ही में बीते 18 अप्रैल को सामाजिक संस्था येश्वर्याज सेवा संस्थान द्वारा लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय आरटीआई सेमीनार में गुरुप्रसाद को उनके सामाजिक योगदानों के लिए 'विष्णु दत्त मिश्रा मेमोरियल आरटीआई रत्न सम्मान 2015' से सम्मानित किया गया था.कार्यक्रम में आये गुरुप्रसाद ने राज्य सूचना आयोग को आरटीआई कार्यकर्ताओं के जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था. गुरु प्रसाद का कहना था कि सूचना आयुक्तों द्वारा लोकसेवकों से दुरभि संधि स्थापित कर सूचना दिलाने में जानबूझकर देरी की जाती है जिसके  कारण  प्रभावित लोकसेवकों को आरटीआई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का पर्याप्त समय मिल जाता है. आरटीआई सम्मान समारोह में गुरुप्रसाद ने बताया था कि एक ग्राम प्रधान की अनियमितता उजागर कर उसको जेल बिजवा देने और अन्य अनियमितताएं उजागर करने की वजह से उनको किडनैप  कर मारा-पीटा गया था किन्तु आयोग के समक्ष ये सभी तथ्य  रखने पर भी    आयोग की कार्यप्रणाली जस की तस था  और उनके जीवन को खतरा बढ़ता जा रहा था.

'आरटीआई रत्न' गुरु प्रसाद की निर्मम हत्या के  विरोध में आये आरटीआई कार्यकर्ताओं ने   धरना प्रदर्शन  करते हुए  सूचना आयोग द्वारा सूचना दिलाने में देरी को हत्या का प्रमुख  कारण बताते हुए पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की है . कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा, घटना की  सीबी-सीआईडी जांच,मृतक की सभी आरटीआई सूचनाओं को सूचना आयोग की वेबसाइट पर 30  दिनों

में सार्वजनिक करने, मृतक की लंबित शिकायतों का निपटारा90  दिन में करने और उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के आयुक्तों द्वारा सूचना दिलाने में और केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा मृतक की शिकायतों के मामलों के निपटारे में देरी करने के मामले की जांच की मांग भी की है और इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन भी प्रेषित किये  हैं। सामाजिक कार्यकत्री और सामाजिक संस्था येश्वर्याज सेवा संस्थान की सचिव उर्वशी शर्मा ने  बरेली से  दूरभाष पर कहा कि महज पांचवी पास भूमिहीन

मजदूर गुरु प्रसाद की हत्या आजाद  भारत के  लोकतंत्र-रक्षक की हत्या है और ऐसी हत्याओं से देश में सहभागी  लोकतंत्र की स्थापना की मुहिम  को जबरदस्त  झटका  लगता है. उर्वशी ने बताया कि  वे  पीड़ित परिवार की सुरक्षा के प्रति चिंतित है और  पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क में हैं. उर्वशी ने बताया कि  यदि जून माह के अंत तक ये मांगे नहीं मानी गयीं तो आगामी जुलाई में उनका संगठन   पीड़ित  परिवार के साथ लखनऊ में अखिलेश के गढ़ लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना - प्रदर्शन करेगा।

उर्वशी ने बताया कि शाहजहाँपुर के सोशल  मीडिया पत्रकार जागेन्द्र सिंह का परिवार  अभी शाहजहाँपुर में ही धरने पर बैठा है पर यूपी की बाहरी सरकार कानों के नीचे जूँ तक  नहीं रेंग  रही है अतः उनका संगठन येश्वर्याज सेवा संस्थान जागेन्द्र सिंह के  परिवार को  अखिलेश के गढ़ लखनऊ बुलाकर अपने  हक़ की आवाज बुलंद करने के लिए पीड़ित परवार से संपर्क कर रहा है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India