कॉर्पोरेट जासूसी मामला : सीबीआई ने मारा वित्त मंत्रालय के दफ्तर पर छापा

कॉर्पोरेट जासूसी मामला : सीबीआई ने मारा वित्त मंत्रालय के दफ्तर पर छापा

नई दिल्‍ली : सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन(सीबीआई) ने रायसीना हिल्स स्तिथ वित्त मंत्रालय में छापा मारा। यही नहीं जांच एजेंसी ने वाणिज्‍य मंत्रालय में भी छापे मारे। मामला दस्तावेज़ लीक का था, एक अंडर सेक्रेटरी को भी सीबीआई ने हिरासत में लिया है।

अंडर सेक्रेटरी के अलावा सीबीआई ने तीन लोगों को फिलहाल हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक मामला सरकारी दस्तावेज़ों का है। ये लोग मंत्रालयों से दस्तावेज़ चोरी कर आगे कॉर्पोरेट्स को बेचते थे। विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज़ ये लोग आगे बेचते थे। सीबीआई ने कुछ सरकारी कराचारियों को भी हिरासत में लिया है।

सीबीआई के एक सीनियर अफसर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, 'ये सरकारी कर्मचारी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को दस्तावेज़ बेचता था।' उनके मुताबिक ये चार्टर्ड अकाउंटेंट आगे इन दस्तावेज़ों को कॉर्पोरेट हाउसेस को बेचता था। सीबीआई ने इस चार्टर्ड अकाउंटेंट से 60 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

छापेमारी फिलहाल दिल्ली और मुंबई में चल रही है और सीबीआई ने एक ताजा मामला दर्ज किया है। सबसे बड़ी हैरानी की बात ये है कि हाल में लीक गेट में हुई गिरफ्तारी के बाद भी ये लोग दस्तावेज़ों को लीक करते रहे। वित्त मंत्रालय में हर जानकारी बेहद स्वंवेदनशील होती है इसलिए मामला और भी गंभीर है।

जांच एजेंसी के मुताबिक एफडीआई के बारे में जानकारी इन मंत्रालयों से लीक की जा रही थी। सीबीआई का कहना है कि मामला तब सामने आया जब एक कूरियर में सीक्रेट डाक्यूमेंट्स मिले। सीबीआई ने जब जांच की तो पता चला ये कूरियर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का था। ये अकाउंटेंट आगे इन्हें बैंकों और कॉर्पोरेट हाउसेस को बेचता था। सरकार की नीति विदेशी निवेश को लेकर कैसे बदलेगी और कैसे उन फैसलों तक मंत्रालय पहुंचा ये दस्तावेज़ उनके मुतालिक थे। अब सीबीआई ने एक नया मामला दर्ज किया है जिसमें चोरी और साजिश जैसी धाराएं भी शामिल है।

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