सहजन की चाय पीने से बीमारियां रहेगी दूर

सहजन की चाय पीने से बीमारियां रहेगी दूर

सहजन की सब्‍जी तो कभी न कभी आपने जरुर खाई होगी, दक्षिण भारतीय व्‍यंजनों में विशेष रूप से इस सब्‍जी का इस्‍तेमाल होता है जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा के नाम से जाना जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते है कि सहजन की पत्तियों से बनी चाय बहुत हेल्‍दी है। जी हां, आजकल बाजार में बहुत आराम से सहजन की पत्तियों का पाउडर मिल जाता है। इसके अलावा आप भी इन पत्तियों से चाय बना सकते हो। आइए जानते है कि सहजन की चाय पीने के फायदों के बारे मे और इसकी रेसिपी।

सहजन की ताजी पत्तियों को छाया में सुखा लीजिए। फि‍र इन सूखी पत्तियों को ग्राइंडर में पीस कर एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रख लें। सहजन की चाय बनाने के लिए आपको एक चम्‍मच पाउडर को पानी में उबालना है और पीना है। आप चाहें तो रोज या फि‍र हर दूसरे दिन इस चाय को पी सकते हैं। सहजन की चाय के लिए सहजन की पत्तियों का इस्‍तेमाल किया जाता है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन B-6, विटामिन-C, विटामिन-A, विटामिन-E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं।

शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल लेवल मोरिंगा की चाय पीने से कंट्रोल में रहता है। शरीर में होने वाली दिल की बीमारियों का खतरा कम करता है।शरीर में शुगर लेवल भी मोरिंगा चाय पीने से कंट्रोल में रहती है। इसके अलाव शरीर में यूरीन में प्रोटीन की मात्रा को कंट्रोल करके हिमोग्लोबिन का स्तर भी मोरिंगा चाय पीने से सही रहता है। वजन कम करती है सहजन की चाय शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करती है। इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटोरी गुण शरीर की सूजन कम करते हैं। फाइबर से भरपूर सहजन की चाय शरीर में फैट कम करने में मदद करती है। इंसुलिन रेजिस्टेंस कम कर सहजन की चाय शरीर में अनावश्यक फैट जमने से रोकती है।

बारिश के मौसम में यह चाय रोगप्रतिरोधक क्षमता बढा़कर सर्दी-जुकाम होने से रोकता है। यहां तक कि एड्स के रोगियों के ईलाज के वक्त इस्तेमाल होने वाली दवाइयों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। सहजन की चाय पेट की सभी समस्याओं को दूर करती है। फाइबर की वजह से यह कब्ज दूर करने में भी फायदेमंद होती है। जिन बच्चों के पेट में कीड़े होते हैं उन्हें भी इस चाय का सेवन कराया जा सकता है। अस्‍थमा की परेशानी भी सहजन और मोरिंगा चाय पीने से ठीक हो जाती है साथ ही फेफड़े भी सही रहते हैं। यह श्वसन प्रणाली को भी दुरुस्त करता है। कम करती है हाई ब्लड प्रेशर को इसोथीओसीएनटे और निअजीमिनीं तत्व मोरिंगा में होते हैं जो धमनियां को मोटा होने से बचाता है। शरीर में हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी को भी कम करता है।