डाॅ0 वजाहत हुसैन रिज़वी: मिलनसारी और मुस्कराहट है जिनकी पहचान

डाॅ0 वजाहत हुसैन रिज़वी: मिलनसारी और मुस्कराहट है जिनकी पहचान

( रिटायरमेंट पर विशेष)

मेरठ: 1 मई 2017 को उप निदेशक सूचना के पद पर यहा तैनात हुए डाॅ0 वजाहत हुसैन रिजवी लगभग 30 साल तक सूचना विभाग ऊप्र में विभिन्न पदो पर रहकर कार्य करने के उपरान्त आज यहा सफलतओ से भरा 2 साल 2 माह का उप निदेशक सूचना का कार्यकाल पूरा कर सेवानिवृत्त हो गये। बेहद मिलन सार खुशमिजाज और सबके सहयोगी। डाॅ0 वजाहत हुसैन रिजवी को उनके एमडीए कम्पाउंड स्थित कार्यलय में आज सहयोगियो द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। 1 जुलाई 1959 को जिला सिद्धार्थ नगर के हल्लौर कस्बे में श्री फसाहत हुसैन रिजवी एव श्रीमति अनीसुन्निसा के यहा जब बच्चे के रूप में डाॅ0 वजाहत हुसैन द्वारा जन्म लिया गया होगा तो किसी ने सोचा भी नही होगा कि रिजवी परिवार का यह चश्म चिराग़ हर क्षेत्र में अपने कस्बे का नाम रोशन करने के साथ साथ परिवार का सम्मान भी बढायेगा । लिखने पढ़ने में महारथ हासिल करने वाले डाॅ0 वजाहत हुसैन ने आज एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि अब में लेखन में समय लगाउगा तथा साम्प्रदायिक सौहार्द भाईचारा मजबूत करने के साथ ही अपने जन्म स्थान हल्लौर में पढ़ने लिखने और कुछ करने के इच्छु बच्चो के लिए विभिन्न प्रकार की शिक्षा प्राप्त करने का माहौल उन्हे उपलब्ध कराने हेतु एक इंस्टीट्यूट शूरू कर उन्हे विभिन्न परिक्षाओ के कम्पीटिशन की तैयारिया कराउगा और इसमें गरीब अमीर सहित हर क़ौम के सभी नौजवान शिक्षा का लाभ प्राप्त कर आगे बढ़ सकते है। वर्तमान में 366 / 006/413 गोल्डन सिटी, किशोरगंज ,कैम्पवेल रोड लखनऊ में रह रहे एमए ,पीएचडी डाॅ0 वजाहत हुसैन रिजवी के बारे में यह कहा जा सकता हैं कि वो सम्पूर्ण व्यक्तिव के स्वामी और हर दिल अजीज इन्सान है । सफलता से सूचना विभाग कि सेवा से रिटायर हुए हुसैन साहब कोऑल इंडिया न्यूज़ पेपर एसोसियशन "आईना" के सस्थापक ऑनलाइन न्यूज़ चैनल मेरठ रिपोर्ट.कॉम से जुड़े रवि कुमार बिशनोई मजिठिया बोर्ड यूपी के सदस्य तथा सोश्ल मीडिया एसोसियशन एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री ऑन लाइन न्यूज चैनल ताजा खबर.काॅम के चेयरमैन अंकित बिश्नोई द्वारा डाॅ0 वजाहत हुसैन को अपनी बधाई और शुभकमनाए देते हुऐ उनके परिवार कि खुशहाली व इन्छा पूर्ण करने कि कामना करते हुए बधाई दी है।

‘हर्फ़’ जब सलीक़े से गुथ जाया करते हैं तो कभी शेरो-शायरी और कभी कहानी की शक्लो-सूरत अख़्तियार कर लिया करते हैं। शब्दों को किसी माला की मोतियों की मानिन्द सजाने-संवारने का हुनर ऊपर वाला हर किसी केे नहीं बख्शता| मैं शुक्रगुज़ार हूं कि उर्दू/हिन्दी साहित्य के लिए कुछ कर पा रहा हूं। कुछ लिख पा रहा हूं। कुछ आलोचनात्मक लेख भी सुपुर्दे क़लम कर लेता हूं.नौकरी की ज़िम्मेदारियों और मसरूफ़ियत के बीच लिखने-पढ़ने के लिए वक़्त निकालना चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इस जज़्बे के तहत साहित्य के साथ-साथ मीडिया की दोनों बाहों (प्रिन्ट-इलेक्ट्राॅनिक) को भी सलीक़ेे से थामे रखने की ज़िम्मेदारी कंधों पर उठाए आज भी क़लम का मज़दूर बना हूं वजाहत साहब कहते हैं मैं क़लम को कुछ यूं साथ लेकर चलता हूं, जैसे किसान खेत की ओर जाते हुए नवसृजन का इरादा लिए हुए कंधे पर हल रखकर जाता है। मैंने भी अदब की ज़मीन पर कुछ उकेरने, कुछ सृजन करने की कोशिश की है ।

डाॅ0 वजाहत हुसैन पूर्व के उत्तरदायित्व:

  1. उप निदेशक/प्रभारी मीडिया सेण्टर, मुख्यमंत्री सूचना परिसर, लाल बहादुर शास्त्री भवन, लखनऊ। (जनवरी 2000 से अप्रैल 2017)

  2. सम्पादक, नया दौर, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, पार्क रोड, लखनऊ। (2004 से अप्रैल 2017)

  3. प्रभारी प्रेस रूम, विधान भवन, उ0प्र0 लखनऊ। (2014-2017)

  4. प्रभारी उर्दू यूनिट, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, पार्क रोड, लखनऊ। (2003 से अप्रैल 2017)

  5. वर्ष 2000 से प्रभारी मीडिया सेण्टर, मुख्यमंत्री सूचना परिसर की हैसियत से मीडिया समन्वय/प्रेसनोट फीचर, प्रेसवार्ता एवं अन्य विशिष्ट महानुभाव के आगमन पर मीडिया समंवय।

  6. फरवरी, 2004 से सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा 72 वर्षाें से प्रकाशित उर्दू साहित्यिक पत्रिका ‘नया दौर’ के सम्पादक की हैसियत से कई ऐतिहासिक विशेषांकों का प्रकाशन।

प्रशिक्षण:

  1. उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल में ‘रूरल रीच इन मास कम्यूनिकेशन’।

  2. दीनदलाय उपाध्याय संस्थान में ‘संविधान के 73वें संशोधन के क्रम में विकेन्द्रीकरण योजना’।

  3. अपटेक लखनऊ में कम्प्यूटर प्रशिक्षण।

डाॅ0 वजाहत हुसैन द्वारा किया गया‘नया दौर’ के यादगार विशेषांकों का सम्पादन:

  1. महत्वपूर्ण विशेषांकों में मौलाना मोहम्मद अली जौहर, अली जवाद ज़ैदी, डायमण्ड जुबली, इंकलाब 1857, रशीद हसन खां, कुरअतुलऐन हैदर, मीर तक़ी मीर, शकील बदायूनी, इरफ़ान सिद्दीक़ी, उर्दू सहाफ़त, मजाज़, वाली आसी, उत्तर प्रदेश की तरक्कीयात, अली सरदार जाफ़री, एहतिशाम हुसैन रिज़वी, रसाई अदब, ख़ुमार बराबंकवी, मुशी द्वारिका प्रसाद उफु़क लखनवी, प्रो0 महमूद इलाही, अली बिरादरान, जानिसार अख्तर भाग-1, वजाहत अली संदेवली, जानिसार अख्तर भाग-2, एवं नवाए रफ़्तगा विशेषांक का प्रकाशन।

  2. चौधरी सिब्ते मोहम्मद, प्रो0 अफ़गान उल्ला ख़ां, सआदत हसन मंटो, प्रो0 कमर रईस, आज़ादी पर केन्द्रित प्रकाशन।

डाॅ0 वजाहत हुसैन की साहित्य साधना:

  1. उर्दू नावेलेट का तहकीकी व तनकीदी तजजिया (हिंद व पाक में प्रथम शोधकार्य), उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा इस पुस्तक पर अकादमी का द्वितीय पुरस्कार।

  2. ‘हीरे पत्थर’, अल्लामा समर हल्लौरी की कविताओं का संकलन, तफ़सीली तबसरे के साथ (उ0प्र0 उर्दू अकादमी द्वारा पुरस्कृत)।

  3. ‘दीवाने समर’ अल्लामा समर हल्लौरी की ग़ज़लों का संकलन प्राक्कथन के साथ।

  4. अली जवाद ज़ैदी (मोनोग्राफ) साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित।

  5. ‘उर्दू नावेलेट: हैय्यत, असालीब और रुझानात’ (उत्तर प्रदेश अकाॅदमी एवं बिहार उर्दू अकादमी द्वारा पुरस्कृत)।

  6. अयामा (डिप्टी नज़ीर अहमद) तद्वीन-वो-तरतीब, (उत्तर प्रदेश उर्दू अकाॅदमी द्वारा प्रकाशित)

  7. ‘मैं मुहाजिर नहीं हूँ‘-बादशाह हुसैन रिज़वी के उपन्यास का हिन्दी से उर्दू अनुवाद।

  8. अली जवाद जैदी मोनोग्राफ का हिन्दी अनुवाद (साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित)

डाॅ0 वजाहत हुसैन की किताबें प्रकाशन में:

  1. डाॅ0 राममनोहर लोहिया: हयात और कारनामे।

  2. आधुनिक हिन्दी कहानियां का उर्दू अनुवाद संकलन।

  3. उत्तर प्रदेश की उर्दू पत्रकारिता एक नजर में।

  4. मीर अनीस व मिर्ज़ा दबीर के महत्वपूर्ण नौहे।

  5. फ़िराक की शायरी (प्रो0 अफ़गानुल्लाह ख़ां) का उर्दू से हिन्दी अनुवाद

पत्र-पत्रिकाओं से रूबरू:

हिन्दी समाचार पत्र व पत्रिकाओं जिनमें लेख फ़ीचर और अनदित कहानियां प्रकाशित हुईं। ः चैथी दुनिया, हंस, कहानियां, अंचल भारतीय, भाषा, दैनिक जागरण, आजकल, उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश संदेश, मासिक गर्भनाल इत्यादि।

उर्दू समाचार पत्र व पत्रिकाओं जिनमें लेख फ़ीचर और अनदित कहानियां प्रकाशित हुईं। ः क़ौमी आवाज़, नया दौर, राष्ट्रीय सहारा, बज़्मे, सहारा, तामीरे हरियाणा, पासबान, ख़िराम, पन्द्रहवीं सदी, क़ौमीराज, मगरिबी बंगाल, उर्दू दुनिया, फ्रि़करो तहक़ीक़, अवधनामा, सहाफ़त इत्यादि।

उर्दू समाचार पत्रों में साक्षात्कार ः क़ौमी आवाज़ लखनऊ/दिल्ली।

हिन्दी समाचार पत्रों में साक्षात्कार ः दैनिक जागरण लखनऊ, चैथी दुनिया दिल्ली।

इलेक्ट्राॅनिक मीडिया से रूबरू:

  1. आकाशवाणी गोरखपुर/लखनऊ से विभिन्न वार्ताएं, साक्षात्कार, परिचर्चाएं एवं फ़ीचर प्रसारित।

  2. डी.डी. उर्दू, दिल्ली एवं ईटीवी उर्दू लखनऊ एवं एशियन न्यूज से साक्षात्कार।

  3. दूरदर्शन लखनऊ पर कई परिचर्चाओं में प्रतिभाग।

साहित्यिक एवं मीडिया यात्रा के सम्मान और पुरस्कार:

  1. उर्दू नावेलेट का तहकीकी व तनकीदी तजजिया पुस्तक पर, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा द्वितीय पुरस्कार।

  2. ‘हीरे पत्थर’ पुस्तक उ0प्र0 उर्दू अकादमी द्वारा पुरस्कृत।

  3. ‘आॅल इण्डिया माजिद मेमोरियल सोसाइटी’ कानपुर द्वारा सम्मान-2007

  4. ‘क़मर कहकशाँ पुरस्कार’-2008 (आॅल इण्डिया कमर कहकशाँ अदबी सोसाइटी लखनऊ द्वारा)

  5. मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ां ग़ालिब पुरस्कार-2009 (उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संस्थान लखनऊ)

  6. डाॅ0 अफ़ग़ानउल्लाह खां पुरस्कार – 2009 (डाॅ0 अफगानउल्लाह मेमोरियल कमेटी गोरखपुर द्वारा)

  7. निशाने इम्तियाज़-2010 (पत्रकारिता सेवाओं के लिए), बज़्मे हममशरब रामपुर द्वारा)

  8. हसरत मोहानी सहाफ़ती पुरस्कार-2011 (योमे सहाफत कमेटी मुरादाबाद द्वारा)

  9. फनश्री पुरस्कार-2011 (भारतीय फ़नकार सोसाइटी, लखनऊ द्वारा)

  10. यादगारे हुसैनी पुरस्कार-2012 बयादगार समर हल्लौरी (यादगारे हुसैनी रानी मण्डी इलाहाबाद द्वारा)

  11. उर्दू सहाफत पुरस्कार-2012 (उर्दू मीडिया गिल्ड, लखनऊ द्वारा)

  12. सहाफ़त पुरस्कार-2013 (योमे सहाफ़त कमेटी, मुरादाबाद द्वारा)

  13. ख़ुमार बाराबंकवी पुरस्कार-2014 (खु़मार बाराबंकवी मेमोरियल सोसाइटी, बाराबंकी द्वारा)

  14. भारतीय भाषा सम्मान 2014 (वाराणसी) अखिल भारतीय हिन्दुस्थान न्यूज एजेन्सी द्वारा

  15. उर्दू सहाफत सम्मान व पुरस्कार-2015 (उर्दू सहाफ़त कमेटी मुरादाबाद द्वारा)

  16. गणेश शंकर विद्यार्थी एवार्ड 2015 (अखिल भारतीय प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक जर्नलिस्ट एसोशिएशन द्वारा)

  17. माटी रत्न पुरस्कार-2015 (शहीद अशफाकुल्लाह मेमोरियल कमेटी, फैजाबाद)

  18. फिराक़ गोरखपुरी पुरस्कार-2015 (उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संस्थान लखनऊ)

  19. उर्दू सफ़ाहत सम्मान-2015 (उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी, लखनऊ)

  20. रचनात्मक सम्पादकीय एवं मीडिया समंवय के महत्वपूर्ण कार्याें के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र। उ0प्र0 निर्वाचन विभाग द्वारा सम्मान व प्रशस्ति पत्र।

कुछ और भी:

  1. उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी/फख़्रूद्दीन मेमोरियल कमेटी लखनऊ द्वारा आर्थिक सहायता दी जाने वाली पुस्तकों पर समीक्षा लेखन।

  2. विभिन्न सेमिनारों में प्रतिभाग एवं पेपर पढ़ना।

  3. वर्ष 1990 से विभिन्न सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं में प्रतिभागिता।

  4. विभिन्न मंत्रीगण/राज्यपाल के सलाहकार के साथ संबद्ध रहकर उनके विभागों की प्रेस विज्ञप्ति, भाषण, लेख/फीचर तैयार करना और प्रेसवार्ता आयोजित कराना।

  5. गत 10 वर्षाें से उत्तर प्रदेश वार्षिकी के सम्पादन मण्डल में सदस्य।

  6. सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित लोक सभा/विधान सभा निर्वाचन से संबंधित किताबों का सम्पादन।

  7. सूचना विभाग द्वारा उर्दू में प्रकाशित उत्तर प्रदेश सरकार के विकास कार्याें पर आधारित पुस्तकों का सम्पादन।

  8. लोक सभा एवं विधान सभा निर्वाचन के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ संबद्ध होकर मीडिया समंवय।

9विभिन्न अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन पर प्रेस-मीडिया का समंवय।

10विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं में अवैतनिक रूप से कार्य करना।

Uttar Pradesh, India