यूरिया की कमी दूर करने के लिए गडकरी ने दिया आईडिया

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले अपने बयानों से सियासी गलियारों में जमकर सुर्खियां बटोर रहे केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब सियासत के इतर एक बयान दिया है। रविवार को नागपुर नगर निगम के एक अवॉर्ड फंक्शन में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह तय है कि भारत को अब ज्यादा फर्टिलाइजर आयात करने की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में हमें यूरिया का आयात बंद करके यूरिन का स्टोरेज शुरू कर देना चाहिए।’

इनोवेशन का महत्व समझाते हुए गडकरी ने प्राकृतिक कचरे से जैव-ईंधन बनाने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘इंसान का यूरिन भी जैव ईंधन बनाने में मददगार हो सकता है इसमें अमोनियम सल्फेट और नाइट्रोजन होता है। मैंने एयरपोर्ट्स पर यूरिन स्टोर करने के लिए कहा है। अगर हम ऐसा करने लगें तो हमें यूरिया आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह काफी उपयोगी हो सकता है और कुछ भी बेकार नहीं जाएगा।’

कुछ साल पहले दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर बगीचे में मैंने खुद यह प्रयोग किया है। उन्होंने इंसान के बालों से निकलने वाले अमीनो एसिड को भी फर्टिलाइजर के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें 25 फीसदी तक उत्पादन बढ़ाने में सफलता मिली। उन्होंने तिरुपति बालाजी से पांच ट्रक बाल भी मंगवाए थे, वहां श्रद्धालुओं की तरफ से दान किए जाने वाले बाल बेचे जाते हैं। पूर्ति ग्रुप के मालिक गडकरी ने बताया कि हम अमीनो एसिड विदेशों को भेजते हैं और करीब 180 कंटेनर बायो-फर्टिलाइजर दुबई सरकार से लेते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, ‘दूसरे लोग मेरा सहयोग नहीं करते क्योंकि मेरे सभी आइडिया बेहतरीन होते हैं। नगरीय निकाय भी मदद नहीं करेंगे, क्योंकि सरकार में लोग बैलों की तरह ट्रेंड किए जाते हैं। जो सिर्फ एक तय रास्ते पर ही चलते है, इधर-उधर भी नहीं देख सकते।’