आईसीआईसीआई ग्रुप की काॅर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) इकाई आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ (आईसीआईसीआई फाउंडेशन) ने आज घोषणा की कि वह वित्तीय वर्ष 2020 तक देश भर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 5 लाख व्यक्तियों को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने की उपलब्धि हासिल कर लेगा। आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने आज उत्तराखंड के देहरादून में आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स (आईसीआईसीआई एकेडमी) के एक नए केंद्र का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की। आईसीआईसीआई एकेडमी, आईसीआईसीआई फाउंडेशन की प्रमुख पहल है जो कमजोर वर्गों के युवाओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह देश में आईसीआईसीआई एकेडमी का 25 वां और उत्तराखंड में पहला केंद्र है। उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र का उद्घाटन किया। आईसीआईसीआई एकेडमी देहरादून में अपने केंद्र को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप माॅडल (पीपीपी) के तहत संचालित करेगी और इसका संचालन उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास और शिक्षा विभाग के सहयोग से किया जाएगा। शुरुआती तौर पर इस केंद्र में प्रति वर्ष 550 विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सेंटर पर ’विक्रय कौशल’ और ’कार्यालय प्रशासन’ नामक दो विषयों में निः शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आईसीआईसीआई ग्रुप की समावेशी विकास को बढ़ावा देने की विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 2008 के आरंभ में आईसीआईसीआई फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। आईसीआईसीआई एकेडमी के अलावा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन रूरल सेल्फ एम्प्लाॅयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (आरएसईटीआई) और विभिन्न ग्रामीण पहलों के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इन पहलों के माध्यम से, आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने अब तक 3.87 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया है। देहरादून केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा, ‘आईसीआईसीआई समूह की अपने व्यापार और सीएसआर पहलों के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान करने की एक लंबी परंपरा है। इस परंपरा के अनुरूप, हमने कौशल विकास को फोकस के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में मान्यता दी। इस फोकस के साथ, देश भर में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और कौशल के लिए आईसीआईसीआई एकेडमी की शुरुआत करने का विचार उभरा। हमारा प्रयास है कि समाज के कमजोर वर्गों के युवाओं को निःशुल्क, नौकरी-उन्मुख प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों में हमारे संबंधों का लाभ उठाते हुए एक व्यापक दृष्टिकोण के अनुसार प्रशिक्षित युवाआंे को उद्योगों में रोजगार खोजने में मदद की जाए।’