भरत गांधी बने 'विश्वात्मा भरत गांधी'

भरत गांधी बने 'विश्वात्मा भरत गांधी'

जन्मदिन पर वीपीआई कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन’

रंगिया: वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल प्रमुख श्री भरत गांधी के जन्मदिन को पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। इस अवसर पर आयोजित “सामाजिक और आर्थिक न्याय महारैली“ में वीपीआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करके विकास में प्रत्येक वोटर की भागीदारी और अन्याय पर बनी यूरोपियन राजव्यवस्था को बदलने की मांग की। कार्यक्रम में अप्रत्याशित रूप से कांग्रेस के केंद्रीय प्रभारी हरीश रावत को देखकर उपस्थित जनसमूह चौंक गया।

इससे यह माना जा रहा है कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल और कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव को मिलकर लड़ेंगे, जो भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। यद्यपि वीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष ललित पेगू ने बताया कि हरीश रावत जी श्री गांधी को उन के 50 वें जन्मदिन पर बधाई देने के लिए रैली में उपस्थित हुए है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और असम प्रदेश की भाजपा सरकार ने पुलिस सुरक्षा हटा कर जिस तरह श्री भरत गांधी के जीवन को खतरे में डाला है, उसे देखते हुए हम कांग्रेस के साथ हाथ मिला लें तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।

राजनीति अर्थव्यवस्था और अध्यापन प्रदर्शन पुस्तकों के लेखक वीपीआई प्रमुख भरत गांधी अपने 24 साल की उम्र में लिए गए संकल्प के अनुसार अपने 50 में जन्मदिन पर अपने नए नाम की घोषणा की और बताया कि पिछले कई महीनों से उनके देशभर के लाखों प्रशंसकों के बीच चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि अब उनको भरत गांधी की बजाय विश्वात्मा भरत गांधी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने संकल्प के अनुसार उनका भावी जीवन पूरी दुनिया के लोगों के लिए एक नये तरह के चरित्र निर्माण, नई राज्य व्यवस्था और नई अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए समर्पित होगा।

श्री भरत गांधी ने रैली में उपस्थित विशाल जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी का जनाधार जैसे जैसे बढ रहा है, वैसे वैसे पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है। भाजपा और कांग्रेस द्वारा यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम की घोषणा को उन्होंने वोटर से अधिकार की सैद्धांतिक स्वीकृति बताया उन्होंने कहा कि यह दुर्योधन द्वारा पांडवों को दीक्षा में 5 गांव देने जैसी बात है उन्होंने कहा कि जिस दिन रु. 500 नहीं पूरे रु. 6000 वोटरों के खाते में आएगा उस दिन हमें लगेगा के हस्तिनापुर पर पांडवों को अधिकार मिल गया और नेताओं सरकारी कर्मचारियों और मुट्ठी भर धनवानों की जेब में अटका हुआ लोकतंत्र वोटरों के घर तक पहुंचा। वीपीआई की गठबंधन नीति के संबंध में बताते हुए वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के मुखिया ने कहा कि वीपीआई लिखित संविधान के आधार पर ही किसी दूसरी पार्टी से गठबंधन कर सकती हैं। श्री भरत गांधी ने कहा कि आज दुनिया में जितने बड़े परिवर्तन की जरूरत है, अपने पूर्वाग्रहों के कारण वह परिवर्तन कांग्रेस और भाजपा जैसे पार्टियां नहीं कर सकती। इसलिए केवल अपने ही देश में नहीं, दुनिया के सभी देशों में वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की शांति और दुनिया भर के लोगों की समृद्धि के लिए राष्ट्रवाद, नागरिकता, संप्रभुता, लोकतंत्र, सत्ता का पृथक्करण, समानता और स्वतंत्रता जैसी यूरोपियन अवधारणाओं से मुक्ति के लिये हमें विश्वव्यापी आंदोलन चलाना हमारा आगामी काम होगा। उन्होंने कहा कि वीपीआई ने तय किया है असम की सभी लोकसभा सीटों सहित देशभर में 112 लोकसभा सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी और एक जनता के बीच एक नये राजनीतिक विचार का पौधारोपण करेगी।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और असम प्रभारी श्री हरीश रावत ने कहा कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल की लम्बे समय से वोटरशिप देने की मांग रही है. कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने वोटरशिप को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए हर गरीब को पैसा देने की बात कही है. मेरा मानना है कि अगर दो कदम हम चलें और दो कदम वीपीआई चले तो हम मिलकर वोटरशिप के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं.

पार्टी के अखिल भारतीय कमेटी के अध्यक्ष पूर्व सांसद ब्रह्मदेव आनंद पासवान ने कहा कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल सत्ता परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिए सामने आई है। इसलिए सभी वर्गों को और सभी पार्टियों को इस पार्टी की नीति को समझना चाहिए और भरत गांधी जी की दर्जनों पुस्तकों में लिखे विचारों के अनुसार राजनीति का सुधार करके राष्ट्र के निर्माण में हाथ बंटाना चाहिए।

रैली का प्रारंभ पार्टी के झंडा रोहण से हुआ। श्री भरत गांधी के जन्मोत्सव के बाद हैप्पी हैप्पी बर्थडे लोकप्रिय गीत पर पार्टी के वालंटियर टीम ने नृत्य प्रस्तुत किया और रैली में मौजूद लगभग 100000 पार्टी कार्यकर्ताओं ने विश्वात्मा फिल्म के आध्यात्मिक गीत समूह गान किया देश भर से तमाम संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भागीदारी की और रैली को संबोधित किया।

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