पांच वर्षों के निचले स्‍तर पर पहुंचा FDI

पांच वर्षों के निचले स्‍तर पर पहुंचा FDI

नई दिल्ली: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पिछले पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा क्षेत्र में मात्र 1.5 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। संसद में सोमवार को बताया गया कि अप्रैल-सितंबर 2018 के दौरान रक्षा क्षेत्र में मात्र 1.5 करोड़ रुपया एफडीआई के माध्यम से आया है। वर्ष 2014-15 में करीब 57 लाख, वर्ष 2015-16 में करीब 71 लाख और वर्ष 2017-18 में करीब 7 लाख रुपया का निवेश हुआ। वहीं, वर्ष 2016-17 में यह क्षेत्र एफडीआई को अपनी तरफ आकर्षित करने में नाकाम रहा था।

पीटीआई के अनुसार, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सी आर चौधरी द्वारा लोकसभा में दिए गए जवाब के आंकड़ों के अनुसार, भारत अपने मिलिट्री हार्डवेयर को विभिन्न कंपनियों के माध्यम से आयात करता है। जवाब के अनुसार, कुल मिलकार देश में अप्रैल-सितंबर 2018 में एफडीआई 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ करीब 1,61,262 करोड़ रुपया रहा। वहीं, 2017-2018 में एफडीआई में वृद्धि दर पांच वर्ष में सबसे कम 3 प्रतिशत के साथ 3,19,152 करोड़ रुपये रही।

एक अलग जवाब में, मंत्री ने कहा कि इंवेस्ट इंडिया के लिए उपलब्ध करवाया गया फंड वर्ष 2013-14 में 1,18,78,380 रुपया था, जो 2018-19 में बढ़कर 33,19,42,631 रुपया हो गया। बता दें कि इंवेस्ट इंडिया एक नॉन प्रॉफिट कंपनी है, जो एक नेशनल इंवेस्टमेंट प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन एजेंसी के तौर पर काम करती है। अभी इसका 51 प्रतिशत शेयर उद्योगिक संगठनों (Ficci, CII and Assocham) और 49 प्रतिशत केंद्र तथा राज्य सरकार के पास है।

लोकसभा में चर्चा के दौरान नोटबंदी के फैसले पर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को सरकार को घेरने का प्रयास किया, वहीं सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि संप्रग के समय तबाह हुई अर्थव्यवस्था को मोदी सरकार वापस पटरी पर लाई है और नोटबंदी के बाद से कर चोरी रुकी है तथा करदाताओं की संख्या बढ़ी है। चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि अंतरिम बजट को सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड कहा जा सकता है।

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में ‘अर्थशास्त्रियों के समूह’ ने हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करती अर्थव्यवस्था बनाया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी दरअसल नोटबदली थी और इसके बाद कर चोरी रुकी है तथा करदाताओं की संख्या बढ़ी है।