एवोक इंडिया ने मनाया अपना छठवाँ स्थापना दिवस

एवोक इंडिया ने मनाया अपना छठवाँ स्थापना दिवस

कानपुर: एवोक इण्डिया देश में वित्तीय साक्षरता , समावेश, जागरुकता एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अपने कार्य के छः वर्ष पूरे होने पर अपने स्टेक होल्डर्स , सहयोगियों, ग्राहकों, कर्मचारियों एवं शुभचिन्तकों के लिए एक वार्षिक समारोह का भव्य आयोजन कानपुर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व लोकयुक्त जस्टिस एस सी वर्मा थे । कार्यक्रम के दौरान कंपनी की पिछले वर्ष की मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर मेहमानों द्वारा कराओके गायन के साथ मधुर संगीत कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जस्टिक एस सी वर्मा पूर्व लोकायुक्त उत्तर प्रदेश ने एवोक इंडिया द्वारा वित्तीय जागरुकता के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों कि सराहना करते हुयें कहा कि आज के बदलते परिवेश में समाज के सभी वर्गों को वित्तीय क्षेत्र में अपार सम्भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक स्वतंत्रता हेतु वित्तीय साक्षरता व प्रबंधन की जानकारी अपने आर्थिक जीवन को सुदुढ बनाने के लिए अति आवश्यक है।

इस अवसर पर एवोक इंडिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण कुमार द्विवेदी ने कहा कि वित्तीय मामलों में व्यवहारिक ज्ञान का अभाव , डर व लालच के कारण सामान्य लोग अपनी पूंजी को जोखिम में डाल देते है, इसको ध्यान मे रखते हुए आगामी वित्तीय वर्ष मे कानपुर और आस पास के लगभग दो लाख 200000.00 लोगों को जागरूक, समृद्ध और सक्षम बनाने के लिए वित्तीय जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ।

उन्होने आगे कहा कि वित्तीय संबन्धित सामान्य जानकारी हर वर्ग व हर उम्र के लोगों को होनी चाहिए । उन्होने इसकी आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश की आर्थिक सम्पन्नता में नागरिकों की आर्थिक मामलों मे जागरुकता का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

एवोक इंडिया की वर्ष 2019 में पूरे देश में 200 से अधिक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। साथ ही युवा वर्ग के वित्तीय कौशल प्रबन्धन की शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा ।

एवोक इंडिया फाउण्डेशन ने पिछले वर्ष में 100 से अधिक जागरुकता कार्यक्रम देश के लगभग 75 शहरों में किये, लगभग 8000 से अधिक लोगो तक वित्तीय साक्षरता का संदेश पहुंचाया इसमें समाज के विभिन्न वर्ग जैसे विद्यार्थी , चिकित्सक , प्रोफेसर्स, महिलाएं, सेवा निवृत्त लोग, पुलिस और सेना के अधिकारीगण तथा लघु एवं मध्यम इकाईयाँ भी शामिल थी।

Uttar Pradesh, India