जनता की सुरक्षाः माइक्रोसेव द्वारा जन सुरक्षा योजनाओं का आकलन

जनता की सुरक्षाः माइक्रोसेव द्वारा जन सुरक्षा योजनाओं का आकलन

माइक्रोसेव, जो एक अंतरराष्ट्रीय वित्तींय समावेश परामर्शदाता कंपनी है, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय) और प्रधान मंत्री जीवन ज्यो ति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाय) पर अपने राष्ट्रीय स्तर के आकलन का निष्कर्ष जारी किया है। यह आकलन कंपनी ने 2016 में किया था। आकलन में तकरीबन 4000 ग्राहकों और 401 बैंक मित्रों (बीएम) तथा 11 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों के चुनिंदा 20 जिलों के 240 दावेदारों को शामिल किया गया और इन योजनाओं के कार्यान्वयन पर रोचक जानकारी का खुलासा किया। जन सुरक्षा तीन योजनाओं का एक संयोजन है, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय) जो कि 12 रुपए के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा प्रदान करता हैए प्रधान मंत्री जीवन ज्योयति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाय) जो 330 रुपए वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर प्रदान करता हैए और एक पेंशन योजना. अटल प्रेंशन योजना (एपीवाय)। बिना किसी प्रत्यपक्ष सब्सिडी के साथ जन सुरक्षा योजनाएं पूरी तरह से अंशदायी है, जो इन्हेंश कॉमर्शियल माइक्रो बीमा के अनुरूप बनाती है। माइक्रोसेव के डायरेक्टंर, एशिया, श्री मनोज शर्मा ने कहा, जन सुरक्षा दुनिकया का सबसे बड़ा व्यक्तिगत जनबीमा कार्यक्रम है। वित्तीकय समावेशन और बीमा साक्षरता से जुड़ी भारतीय भावनाओं को समझने के लिए यह आकलन माइक्रोसेव के लिए एक अवसर के रूप में सामने आया है। इस अभिनव पहल के पीछे के विचार को सुदृढ़ करने के लिए आकलन में कुछ सिफारिशें की गइ हैं।

आकलन के अनुसारए प्रीमियम भुगतान के लिए ऑटो डेबिट सुविधा, ग्राहकों के बचत खातों से जोड़ना, दूसरे साल 80 प्रतिशत पॉलिसी नवीकरण को सुनिश्चित करता है। कवरेज के संदर्भ में, नामांकन करवाने और दूर.दराज के क्षेत्रों में नागरिकों तक पहुंचने में बीएम,एजेंट्स ने महत्वकपूर्ण भुमिका निभाई है। ग्राहक मूल्य को लेकर काफी संवेदनशील हैं, केवल 69 प्रतिशत ने केवल पीएमएसबीवाय के लिए नामांकन कराया हैए 22 प्रतिशत ने केवल पीएमजेजेबीवाय और मात्र 9 प्रतिशत ने दोनों योजनाओं में नामांकन कराया है। 12 रुपए के न्यूजनतम प्रीमियम की वजह से पीएमएसबीवाय को लोगों ने पीएमजेजेबीवाय की तुलना में अधिक खरीदा है। कुल नामांकन में महिलाओं की संख्याू केवल 37 प्रतिशत है। योजनाओं के तहत दावे की अस्वी1कृति दर 2.5 प्रतिशत के निम्न स्तर पर है। जिसमें कोई भी सूचना को लीक नहीं किया गया हैए जो कि इस तरह की विशाल पैमाने की पहल के लिए प्रशंसनीय है।