'मन की बात' में छलका आस्‍था के नाम पर हिंसा का दर्द

'मन की बात' में छलका आस्‍था के नाम पर हिंसा का दर्द

नई दिल्ली : पीएम मोदी ने 35वें मन की बात एपिसोड में पुणे की अपर्णा का खास तौर पर आभार प्रकट किया. दरअसल अपर्णा ने पीएम मोदी से मोहल्‍लों में सामान बेचने वाले गरीबों की समस्‍याओं को उठाने का आग्रह किया था. अपने संबोधन में उनके इस संदेश को शामिल करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब हमारे घर के आस-पास कोई सामान बेचने के लिए आता है तो हम उससे दो-चार रुपये के लिए मोल भाव करते हैं जबकि बड़े-बड़े रेस्‍टोरेंट में आसानी से बड़े-बड़े बिल अदा कर देते हैं. ऐसे में हम गरीब से मोल-भाव करते हैं, जो कि उसे पीड़ा पहुंचाती होगी. वास्‍तव में इन दो-चार रुपये से आपके जीवन में कोई फर्क नहीं पड़ता होगा लेकिन इससे गरीब के जीवन पर असर पड़ता है. पीएम मोदी ने अपर्णा का इस ओर ध्‍यान आकर्षित करने के लिए आभार प्रकट किया.

इसके साथ ही हालिया हरियाणा हिंसा पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि संप्रदाय, धर्म या व्‍यक्ति के नाम पर आस्‍था के आधार पर हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती. कानून हाथ में लेने का इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. हर व्‍यक्ति को कानून का पालन करना होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए यह बात कही. ऐसे में धर्म या किसी व्‍यक्ति के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है. यह महात्‍मा गांधी और सरदार पटेल का देश है. बाबा साहेब को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके बनाए संविधान के अनुसार ही देश चल सकता है. ऐसे में कोई भी कानून से ऊपर नहीं हो सकता.

पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्‍सव और केरल में आने वाले ओणम उत्‍सव की देशवासियों को बधाई दी. हालांकि ये भी कहा कि त्‍योहारों के इस मौसम में हिंसा के हालात चिंता की बात हैं. इसके साथ ही जोड़ा कि त्‍योहारों के लिहाज से पर्यावरण पर ध्‍यान देना जरूरी है. उसी संदर्भ में कहा कि लोग ईको-फ्रेंडली गणपति उत्‍सव मना रहे हैं. ऐसे में स्‍वच्‍छता अभियान को इन त्‍योहारों को जोड़ना चाहिए. उन्‍होंने गणपति उत्‍सव को पर्यावरण और स्‍वच्‍छता अभियान से जोड़े जाने के प्रयासों की सराहना की.

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